कैमूर में मजदूरों के सामने आया बाघ, वीडियो वायरल; वन विभाग ने शुरू की जांच

कैमूर। बिहार के कैमूर जिले से एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अधौरा पहाड़ी क्षेत्र में एक खूंखार बाघ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर पर सवार मजदूर जब जंगल के रास्ते खेत में काम करने जा रहे थे, तभी अचानक सामने बाघ आ गया।

ट्रैक्टर पर सवार मजदूरों में मची अफरा-तफरी

वायरल वीडियो के अनुसार, मजदूर अधौरा पहाड़ी के जंगल से गुजर रहे थे, तभी जंगल से निकलकर बाघ सड़क पर आ गया। बाघ को देखकर मजदूरों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। हालांकि इस दौरान किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाते हुए बाघ का वीडियो बना लिया।

वन विभाग ने नहीं की पुष्टि

वन विभाग फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा है कि वीडियो में दिख रहा बाघ कैमूर के अधौरा पहाड़ी क्षेत्र का ही है। जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) संजीव रंजन ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में बाघ देखे जाने का दावा किया जा रहा है।

वीडियो जांच के लिए भेजा गया

डीएफओ ने बताया कि वीडियो को वन विभाग के विशेषज्ञों के पास सत्यापन के लिए भेजा गया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो वास्तविक है या फिर किसी अन्य स्थान का पुराना या फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

संजीव रंजन, डीएफओ, कैमूर:
“वन विभाग की टीम वीडियो का सत्यापन कर रही है। यदि वीडियो सही पाया जाता है तो विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा। वहीं यदि वीडियो फर्जी निकला, तो अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पहले भी फैल चुकी है बाघ की अफवाह

गौरतलब है कि इससे पहले जून 2025 में भी कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में बाघ देखे जाने का वीडियो वायरल हुआ था। उस समय जांच में वीडियो फर्जी पाया गया था और वह किसी अन्य राज्य का वीडियो निकला था।

कैमूर पहाड़ी और बाघों का पुराना संबंध

कैमूर क्षेत्र विंध्याचल पर्वतमाला का हिस्सा है, जो गुजरात से लेकर बिहार तक फैली हुई है। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग पांच दशक पहले कैमूर हिल्स में बाघ पाए जाते थे। अवैध शिकार और मानवीय गतिविधियों के कारण इनकी संख्या घटती गई।

2018 और 2019 में कैमूर क्षेत्र में बाघ के पंजों के निशान और मल पाए गए थे, जिनकी जांच में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान एक नर बाघ कैमरा ट्रैप में भी कैद हुआ था, लेकिन इसके बाद बाघ की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

कैमूर को टाइगर रिजर्व बनाने की योजना

बिहार में फिलहाल पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व ही एकमात्र टाइगर रिजर्व है। हालांकि सरकार कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को भी टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित करने की मंजूरी दे दी है। यह अभयारण्य लगभग 1,504 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।


 

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