भागलपुर। पीरपैंती प्रखंड के एक गांव से मजदूरी के लिए झारखंड गए चार मजदूरों की घर लौटने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। अब तक उनमें से तीन की मौत हो चुकी है जबकि एक का इलाज जारी है। इन घटनाओं से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि डेंगू या टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारी गांव में फैल चुकी है।
लगातार तीन मजदूरों की मौत
ग्रामीणों के मुताबिक चारों मजदूर झारखंड में करीब दस-बारह दिन पहले मजदूरी के लिए गए थे। लौटने के बाद सबसे पहले किसन दास की तबीयत खराब हुई। 5 जुलाई को उन्हें इलाज के लिए रेफरल अस्पताल लाया गया, जहां से भागलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 10 जुलाई को उनकी मौत हो गई।
इसके बाद मनीष कुमार की भी हालत बिगड़ी और शनिवार को उनकी घर में ही मौत हो गई। रविवार को विकास कुमार नामक तीसरे मजदूर की भी मौत हो गई। चौथे मजदूर दिलखुश कुमार की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है।
गांव में फैली चिंता, स्वास्थ्य जांच की मांग
लगातार तीन मजदूरों की मौत के बाद गांव में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला किसी संक्रामक बीमारी का हो सकता है। वे स्वास्थ्य विभाग से पूरे गांव की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
अधिकारियों ने ली प्रारंभिक जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय कर्मियों को मामले की सूचना दी गई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक गांव में किसी मेडिकल टीम के पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। ग्रामीणों को डर है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो और लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।


