भागलपुर, 06 अगस्त 2025 —कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला के तहत तीन दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला आज संपन्न हो गई। कार्यशाला में भाग ले रहे युवाओं ने न केवल कैमरे की तकनीकों को करीब से जाना बल्कि पेशेवर फोटोग्राफरों से प्रेरणादायक अनुभव भी सीखे।
कार्यशाला के समापन समारोह में भागलपुर के वरिष्ठ कलाकार रंजन, वरिष्ठ फोटो पत्रकार शशि शंकर, और एडवेंचर व नेचर फोटोग्राफर शैलेन्द्र कुमार ने अपने स्लाइड शो और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को फोटोग्राफी की बारीकियों से रूबरू कराया।
कैमरे की आंख से दुनिया देखना सिखाया
वरिष्ठ कलाकार रंजन ने फोटोग्राफी की शुरुआत, पुराने कैमरे और लेंसों की विशेषताओं, साथ ही फोटोग्राफी की अलग-अलग विधाओं जैसे स्ट्रीट, पोर्ट्रेट, डॉक्युमेंट्री और आर्ट फोटोग्राफी पर अपना अनुभव साझा किया।
वरिष्ठ फोटो पत्रकार शशि शंकर ने बताया कि पत्रकारिता में फोटोग्राफी केवल एक शॉट नहीं, एक सोच होती है। उन्होंने समाचार फोटोग्राफी में आने वाली चुनौतियों, जिम्मेदारियों और दृष्टिकोण पर भी चर्चा की।
नेचर और एडवेंचर फोटोग्राफर शैलेन्द्र कुमार ने जंगलों की रहस्यमय तस्वीरों, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी और ट्रैवल डॉक्युमेंटेशन जैसे विषयों पर रोचक अंदाज में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक क्लिक के पीछे कितनी मेहनत, धैर्य और जोखिम छुपा होता है।
युवाओं को मिला करियर का नया रास्ता
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा,
“फोटोग्राफी अब केवल शौक नहीं, एक सुनहरा करियर विकल्प बन चुका है। इसमें सरकारी नौकरियों से लेकर फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स और स्टार्टअप्स की भी भरपूर संभावनाएं हैं।”
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर वे रचनात्मक क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो फोटोग्राफी, मीडिया, डॉक्युमेंटेशन और डिजिटली क्रिएटिव इंडस्ट्रीज में कई रास्ते खुले हैं।
अगली कार्यशाला की तैयारी शुरू
जिला प्रशासन ने बताया कि युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला की अगली कड़ी में 12 से 14 अगस्त तक मंच संचालन कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह प्रशिक्षण आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र में होगा, जिसमें उद्घोषणा, वाक् शैली और मंच संचालन का प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा।


