पटना। बिहार की राजधानी पटना को गंदा करने वालों की अब खैर नहीं। अगर अब कोई व्यक्ति खुले में पेशाब करता, पान–गुटखा खाकर सार्वजनिक जगहों पर थूकता या दीवारों को गंदा करता पाया गया, तो उसे ‘नगर शत्रु’ घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं, उसकी सार्वजनिक बेइज्जती की भी पूरी तैयारी है।
इसको लेकर नगर विकास विभाग और पटना नगर निगम ने सख्त कार्ययोजना तैयार कर ली है। शहर को साफ–सुथरा और स्वस्थ बनाने के लिए यह अब तक का सबसे कड़ा कदम माना जा रहा है।
खुले में गंदगी फैलाने वालों पर नकेल
नगर निगम ने साफ संकेत दिया है कि
- खुले में पेशाब करने
- पान–गुटखा खाकर थूकने
- सार्वजनिक दीवारों और जगहों को गंदा करने
वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस फैसले के बाद शहर में लोगों के बीच सतर्कता और डर दोनों देखने को मिल रहा है।
क्या है ‘नगर शत्रु’ की सजा?
नगर विकास विभाग के निर्देश के अनुसार, नगर शत्रु को दोहरी सजा दी जाएगी—
- ऑन-द-स्पॉट जुर्माना
- मौके पर ही ₹500 का जुर्माना वसूला जाएगा
- सार्वजनिक पहचान उजागर
- आरोपी की फोटो ली जाएगी
- शहर में लगे Variable Message Display (VMD) स्क्रीन पर फोटो प्रदर्शित की जाएगी
यानी गलती सिर्फ जेब पर भारी नहीं पड़ेगी, बल्कि इज्जत पर भी असर होगा।
शहर में लगाए जाएंगे डिस्प्ले स्क्रीन
नगर निगम की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पहले से लगे डिजिटल स्क्रीन पर अब ऐसे लोगों की तस्वीरें दिखाई जाएंगी, ताकि दूसरों को भी सबक मिले।
कॉल सेंटर और टोल फ्री नंबर की तैयारी
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि नगर विकास विभाग में कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं।
“नगर विकास के तहत कई नई पहल शुरू की जा रही हैं। एक कॉल सेंटर बनाया जाएगा, जहां शिकायत दर्ज होगी। विभाग के अधिकारियों का सरकारी नंबर डिस्प्ले किया जाएगा। अधिकारी बदलेंगे, लेकिन नंबर वही रहेगा। टोल फ्री नंबर भी जारी होगा।”
— विजय कुमार सिन्हा, डिप्टी सीएम, बिहार
लोगों से अपील
नगर निगम का कहना है कि यह कदम सजा देने के लिए नहीं, बल्कि आदत बदलने के लिए है। शहर की सफाई में आम नागरिकों की भूमिका सबसे अहम है।


