पटना, 18 अगस्त 2025: बिहार राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने के लिए इस वर्ष एसएससी (बिहार कर्मचारी चयन आयोग) के माध्यम से कुल 12,543 अलग-अलग पदों पर बहाली की योजना बनाई है। राज्य सरकार ने इससे पहले 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया है और अब 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस वर्ष होने वाली प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएँ
- क्षेत्र सहायक
- पदों की संख्या: 201
- लिखित परीक्षा: अगस्त 2025 में आयोजित
- द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा
- पदों की संख्या: 12,199
- बहाली प्रक्रिया आगामी महीनों में शुरू
- प्रयोगशाला सहायक
- पदों की संख्या: 143
- बहाली प्रक्रिया जल्द
इसके अतिरिक्त, कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) पदों के लिए भी परीक्षा आयोजित की गई है। गया और सीवान जिलों को छोड़कर शेष 25 जिलों में परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है, जबकि इन दो जिलों का परिणाम जल्द प्रकाशित होने वाला है।
पिछली परीक्षाओं का विवरण
- विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत 238 पदों के लिए 11 मई 2025 को लिखित परीक्षा।
- 29 जून 2025 को कल्याण व्यवस्थापक या निम्नवर्गीय लिपिक के 56 पदों पर लिखित परीक्षा आयोजित।
आने वाली परीक्षाएँ
- चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा: 1,481 पदों पर बहाली
- कार्यालय परिचारी/परिचारी (विशिष्ट) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा: 3,727 पदों पर बहाली
- इन परीक्षाओं की तैयारी आयोग के स्तर पर अंतिम चरण में है।
एसएससी का नया स्वरूप
पिछले वर्षों में एसएससी केवल एक-दो परीक्षाएँ आयोजित करता था और परिणाम आने में कई महीने लग जाते थे। वर्तमान में एसएससी ने अपनी प्रक्रिया को सशक्त और तेज़ किया है, और वर्षभर में तीन से पांच प्रमुख प्रतियोगिता परीक्षाएँ आयोजित कर रहा है।
एसएससी अध्यक्ष श्री आलोक राज ने कहा,
“हम निर्धारित समय में विभिन्न पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कर रहे हैं और परिणाम भी समय पर घोषित कर रहे हैं। इससे विभागों में खाली पदों को जल्द भरा जा सकेगा। सरकार के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के संकल्प के अनुरूप, जैसे-जैसे विभागों से पदों की अधियाचना प्राप्त हो रही है, उनकी बहाली प्रक्रिया पूरी की जा रही है।”
इस पहल से बिहार में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया पारदर्शी, तेज़ और युवाओं के लिए अधिक सुलभ बनी है।


