इस बार विशेष संयोग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा, जानें तिथि, महत्व और पूजन विधि

भागलपुर। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस वर्ष गंगा दशहरा पर्व 5 जून, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह दिन हिन्दू धर्म में अत्यंत पावन और पुण्यदायक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस अवसर पर देशभर में गंगा स्नान, दान-पुण्य और विशेष पूजन का आयोजन होता है।

मां गंगा को कहा गया है मोक्षदायिनी

कोतवाली चौक स्थित कुपेश्वर महादेव मंदिर के पंडित विजयानंद शास्त्री के अनुसार, मां गंगा को प्राणदायिनी और मोक्षदायिनी देवी कहा गया है। उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने, दान देने और विधिपूर्वक पूजन करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को होता है गंगा का अवतरण

तिलकामांझी चौक स्थित प्राचीन महावीर मंदिर के पंडित आनंद झा ने बताया कि गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह वही दिन है जब मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस दिन श्रद्धालुओं द्वारा किए गए स्नान, दान और पूजन का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है।

इस बार बन रहे दुर्लभ योग-संयोग

जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष गंगा दशहरा के दिन गायत्री जयंती, अमृत योग, रवि योग तथा विशेष नक्षत्र संयोग भी बन रहे हैं। करीब 100 वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ अवसर आ रहा है, जो गंगा दशहरा को और अधिक शुभ और फलदायक बना रहा है।

क्या करें इस दिन:

  • सूर्योदय से पहले गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें
  • मां गंगा की विधिपूर्वक पूजा करें
  • दस प्रकार के दान करें (जल, वस्त्र, तिल, गुड़, फल, अन्न, स्वर्ण, गाय, भूमि व धान)
  • गायत्री मंत्र और गंगा स्तोत्र का जाप करें

 

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