‘ये सीमांचल नहीं मिथिलांचल है’, किशनगंज में गरजे गिरिराज सिंह

किशनगंज: भाजपा के फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह हिंदू स्वाभिमान यात्रा के तहत कई जिलों का दौरा कर चुके हैं और अब उनकी यह यात्रा समापन की ओर है. भागलपुर से शुरू हुई यह यात्रा पूर्णिया, अररिया होते हुए मंगलवार को किशनगंज पहुंची है. गिरिराज सिंह का यहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया. वहीं गिरिराज सिंह ने किशनगंज पहुंचकर कई विस्फोटक बयान दिए हैं.

उन्होंने शहर के गांधी चौक में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किशनगंज बिहार और भारत का अंग है. क्या इसे बांग्लादेश बनाना चाहते हो लेकिन अब ये चलने वाला नहीं है, हिंदुओं को क्या समझ रखा है. मैं हिंदुओं को जगाने आया हूं, और जगाकर ही जाऊंगा. मैंने ये यात्रा सोच समझकर निकाली है. उन्होने कहा कि हमारा धन और धरती खतरे में है. सोची समझी रणनीति के तहत लव जिहाद और अब शिक्षा जिहाद भी चल रहा है. हमें डराने की कोशिश करते हैं. कभी किसी हिंदू ने एक ताजिया पर पत्थर नहीं फेंका. हम पांच जिलों में घूम कर आए है किसी जिले में दंगा फसाद हुआ.

गिरिराज ने कहा कि जब हम धर्म की रक्षा करेंगे तभी धर्म हमारी रक्षा करता है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ये अंग्रेजों का शासन नहीं है. हिंदुओं को चुप रहना आता है. भारत एक सेक्युलर देश है, जिसे हम निभा रहे है. इसलिए हमें कमजोर मत समझो, हमें गिनती मत सिखाओ. संगठित रहोगे, तभी सुरक्षित रहोगे, सभी लोग अपने घरों में पूजा जरूर करें. इस दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ का आयोजन किया गया. जिसमें गिरिराज सिंह, आचार्य दीपांकर जी महाराज समेत सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए. जय श्रीराम के जयकारे से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया.

गौर करे कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीमांचल शब्द पर ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि यह सीमांचल नहीं मिथिलांचल है. अपनी यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि यह हिन्दू स्वाभिमान यात्रा है. इसमें हिन्दुओं को संगठित रखना और एक रखना उनका उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि दंगा करने वालों को रोकने के लिए मैं यहां आया हूं. इससे पहले किशनगंज की सीमा में जब गिरिराज सिंह प्रवेश किए तो समर्थकों का जोश देखकर बोले कि हम सभी कमजोर कौम से आते हैं. अब हम अपने धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए चुप नहीं बैठ सकते. जिसके बाद नारेबाजी शुरू हो गयी.

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