मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह, 19 लाख महिलाओं ने किया आवेदन

पटना। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को महिलाओं से जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर के साथ ही पोर्टल पर नई इंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में करीब 19 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें 14 लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों से जबकि 5 लाख महिलाएं ग्रामीण इलाकों से हैं।

अब सभी आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद पात्र महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका की अहम भूमिका

ग्रामीण इलाकों में योजना को सफल बनाने में जीविका कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। गांवों में महिलाओं से आवेदन हाथों-हाथ लिए गए और बाद में जीविका कर्मियों द्वारा उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया गया। जिलों से प्राप्त अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 5 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब जीविका द्वारा पोर्टल पर इंट्री की प्रक्रिया भी पूरी तरह बंद कर दी गई है।

शहरी क्षेत्रों में ऑनलाइन आवेदन

शहरी इलाकों की महिलाओं ने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया, जिससे शहरी भागीदारी उल्लेखनीय रही। कुल आवेदनों में से 14 लाख आवेदन शहरी क्षेत्रों से आए हैं, जो योजना के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को मिल चुका लाभ

योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इनमें करीब 3.5 लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों की हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और छोटे व्यवसाय या स्वरोजगार के लिए प्रारंभिक पूंजी उपलब्ध कराना है।

शहरी महिलाओं के लिए समूह गठन अनिवार्य

शहरी क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर अब 12 से 15 महिलाओं के समूह बनाए जाएंगे, जिन्हें जीविका समूह के रूप में मान्यता दी जाएगी। समूह गठन से पहले सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा। योजना की शर्तों के अनुसार, लाभ प्राप्त करने के लिए महिला का जीविका सदस्य होना अनिवार्य है। सत्यापन और समूह गठन के बाद राशि आधार से लिंक बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी।

कैबिनेट से मंजूरी से लेकर लाभ वितरण तक

  • 30 अगस्त 2025: राज्य कैबिनेट से योजना को मंजूरी
  • 7 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया शुभारंभ
  • 26 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75 लाख महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की
  • 3 अक्टूबर 2025: मुख्यमंत्री ने 25 लाख महिलाओं को लाभ दिया
  • 28 नवंबर 2025: अंतिम चरण में 10 लाख महिलाओं को सहायता राशि दी गई

सरकार का फोकस: सत्यापन और भुगतान

सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें स्वरोजगार व आय के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सरकार का पूरा फोकस तेज सत्यापन, समूह गठन और भुगतान प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर है, ताकि नई लाभार्थी महिलाओं तक समय पर योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।


 

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