पटना, 15 जुलाई 2025 — बिहार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य के युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में रोजगार के अपार अवसर मौजूद हैं। तकनीकी नवाचारों और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि “ड्रोन संचालन, फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें आधुनिक कृषि प्रणाली का हिस्सा बनाया जा सकता है।”
श्रम मंत्री मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान, पटना में आयोजित मेगा जॉब फेयर-2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “बिहार के गांव-गांव में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की संभावना है। जिन चावल के टूटे हुए दानों को किसान आज पशुओं को खिला देते हैं, उनसे फूड प्रोसेसिंग के जरिये राइस चिप्स जैसे उत्पाद बनाए जा सकते हैं।” उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के सभी आईटीआई संस्थानों में युवाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे कृषि से जुड़कर अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें।
श्री सिंह ने बताया कि टाटा कंपनी बिहार में 4,000 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर रही है, जहां युवाओं को रोबोटिक्स संबंधी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार देश का तीसरा राज्य बनने जा रहा है, जहां एक स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के साथ राज्यों के श्रम मंत्रियों की एक बैठक में फूड प्रोसेसिंग को बिहार के लिए अत्यधिक संभावनाशील क्षेत्र बताया गया। “यह क्षेत्र राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर खोल सकता है,” उन्होंने कहा।
इस अवसर पर श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद ने कहा कि युवाओं के प्रशिक्षण के तरीकों में बदलाव लाकर ही रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नौकरी पाने के बाद दीर्घकालीन स्थिरता के साथ अपनी सेवाएं दें।
दीपक आनंद ने जानकारी दी कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी।
कार्यक्रम के अंत में श्रम मंत्री संतोष कुमार सिंह ने “युवा कौशल रथ” को हरी झंडी दिखाकर राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह रथ युवाओं को कौशल विकास के प्रति जागरूक करेगा और उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर विशेष सचिव आलोक कुमार, श्रम आयुक्त राजेश भारती सहित कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।


