बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज होने वाली है। 1 दिसंबर से बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, जिसके मद्देनज़र राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
यह सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा, और इस दौरान शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू रहेगी। इस धारा के तहत किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना, प्रदर्शन या सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
एसडीओ पटना सदर ने जारी किया आदेश
पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों और यूनियनों की ओर से विरोध प्रदर्शन की आशंका बनी रहती है। सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान की संभावना को देखते हुए सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए हैं।
शीतकालीन सत्र के दौरान क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि—
1. पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक
– बिना अनुमति भीड़ बनाना, जुलूस निकालना, घेराव या धरना देना दंडनीय होगा।
– किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधि पर सख्ती से प्रतिबंध रहेगा।
2. हथियार लेकर चलना अपराध
– आग्नेयास्त्र
– विस्फोटक सामग्री
– फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे धारदार हथियार
इनके साथ घूमना अपराध माना जाएगा और तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
3. बिना अनुमति लाउडस्पीकर व ध्वनि उपकरणों का उपयोग पूरी तरह वर्जित
– किसी भी सामाजिक, राजनीतिक या धार्मिक आयोजन में loudspeaker के उपयोग के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात, विधानसभा परिसर के आसपास कड़ी निगरानी
जिला प्रशासन ने बताया कि—
- विधानसभा भवन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
- संवेदनशील इलाकों में विशेष पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
- ट्रैफिक व्यवस्था में भी विशेष प्लान लागू रहेगा ताकि सत्र के दौरान आने-जाने वाले प्रतिनिधियों और आम जनता को कोई असुविधा न हो।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू और निर्बाध तरीके से संपन्न कराने तथा पटना में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
5 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा आदेश
यह आदेश 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक लागू रहेगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


