महिला संवाद में गूंज रही गाँव की नारी शक्ति की आवाज

भागलपुर : महिला संवाद कार्यक्रम बिहार सरकार की एक अभिनव पहल बनकर उभरा है, जो महिलाओं को सीधे सरकार से जुड़ने और अपनी बात रखने का मंच प्रदान कर रहा है। इससे महिलाओं को न केवल अपनी समस्याओं और आकांक्षाओं को सामने रखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उन्हें समाधान की दिशा में भी गति मिली है।


गांव की महिलाओं को मिल रही नई उड़ान

ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब चुप नहीं हैं — वे योजनाओं में सुधार की बात कर रही हैं, अपने विकास की आकांक्षाएं साझा कर रही हैं और सरकारी कार्यक्रमों से लाभ लेकर मिसाल कायम कर रही हैं।

आज महिला संवाद कार्यक्रम के 24वें दिन:

  • 30 ग्राम संगठनों में संवाद आयोजित किया गया।
  • 5,829 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और 863 अन्य महिलाएं शामिल हुईं।
  • 612 पुरुष भी इस संवाद का हिस्सा बने।

अब तक कुल 735 ग्राम संगठनों में आयोजित कार्यक्रमों में 1 लाख 70 हजार से अधिक महिलाएं भाग ले चुकी हैं।


सशक्त होती नारी, बदलता बिहार

कार्यक्रम के दौरान रीणा देवी, जो स्वयं एक सफल महिला उद्यमी हैं, ने कहा:

“बिहार सरकार की दूरदर्शी सोच और योजनाओं ने महिलाओं को नई ऊँचाइयाँ छूने का अवसर दिया है। महिलाएं अब नौकरियों से लेकर उद्यमिता और सामाजिक कार्यों में नेतृत्व कर रही हैं।”


सरकार तक पहुंच रही हैं ज़मीनी बातें

महिला संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नीति निर्माण का ज़मीन से जुड़ा स्रोत बन चुका है। महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बोल रही हैं और सरकारी तंत्र को अपनी आवश्यकताओं से अवगत करा रही हैं।


“महिला संवाद से उठी आवाज़ अब बदलाव की दस्तक बन रही है”

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