विकसित भारत @2047 विषय पर आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का समारोह पूर्वक समापन

भगवानपुर (हाजीपुर): सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा विकसित भारत @2047 विषय पर आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का आज भगवानपुर (हाजीपुर) में समारोह पूर्वक समापन हुआ। इस प्रदर्शनी के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों एवं भविष्य की विकासपरक परिकल्पनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।

प्रदर्शनी के समापन अवसर पर वैशाली के उप विकास आयुक्त श्री कुंदन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि विकसित भारत @2047 की यह प्रदर्शनी देश के भविष्य की स्पष्ट और सशक्त रूपरेखा प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और देश की युवा शक्ति आने वाले समय में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं को कड़ी चुनौती देने में सक्षम है।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि देश के पास व्यापक भौगोलिक पहुँच और प्रचुर प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, जो विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश के विकास में करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता जिस प्रकार कृषि क्षेत्र में प्राप्त की गई है, उसी तरह अन्य सभी क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। जब हमारी आने वाली पीढ़ी सशक्त और सक्षम होगी, तभी एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।

शिक्षा और कृषि की भूमिका पर जोर

इस अवसर पर डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के डीन डॉ. सुशील जमारिया ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और कृषि क्षेत्र विकसित भारत की सोच को मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जब देश का भविष्य पोषित और शिक्षित होगा, तभी 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को और अधिक सक्षम बनाने पर विशेष बल दिया।

विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि विकसित भारत @2047 पर आधारित यह चित्र प्रदर्शनी भगवानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विकास के नए पथ की दिशा दिखाने का कार्य कर रही है।

इतिहास से सीख और भविष्य की दिशा

केंद्रीय संचार ब्यूरो के श्री सर्वजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने इतिहास और वर्तमान से सीख लेकर यह तय करना होगा कि आने वाले 21 वर्षों में हम किस प्रकार का भारत चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमृत काल का यह स्वर्णिम कालखंड भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे ले जा रहा है। माननीय प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच सबका साथ, सबका विकास ही विकसित भारत @2047 का मूल मंत्र है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और प्रतियोगिताएँ बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान रंग दर्पण पंजीकृत सांस्कृतिक दल के कलाकारों द्वारा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं पर आधारित गीत एवं नाटक प्रस्तुत किए गए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के श्री अभिषेक कुमार मिश्रा द्वारा छात्रों के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा मंच से पुरस्कार प्रदान किए गए।

इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के श्री उत्पल कांत, केंद्रीय संचार ब्यूरो के श्री अशोक कुमार, श्री ऐश्वर्य कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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