
भागलपुर/सहरसा | 21 फरवरी, 2026: भ्रष्टाचार के मामले में जेल की हवा खा चुके सहरसा जिले के पतरघट के पूर्व अंचलाधिकारी (CO) राकेश कुमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भागलपुर केंद्रीय कारा से जमानत पर बाहर निकलने के बाद जैसे ही उन्होंने अपनी सेवा में वापसी की कोशिश की, विभाग ने उन्हें एक बार फिर निलंबित (Suspend) कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
राकेश कुमार को पतरघट (सहरसा) में सीओ के पद पर रहते हुए 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। इस मामले में वे काफी समय तक भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद रहे।
निलंबन का घटनाक्रम:
- योगदान और तत्काल कार्रवाई: जमानत मिलने के बाद, राकेश कुमार ने 5 दिसंबर को विभाग में अपना योगदान (Joining) दिया। विभाग ने तकनीकी रूप से उनका योगदान तो स्वीकार किया, लेकिन अगले ही पल निलंबन का आदेश थमा दिया।
- नया मुख्यालय: निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय गया प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है।
- सख्त निर्देश: उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे गया मुख्यालय में रहकर अपनी नियमित उपस्थिति दर्ज कराएं। बिना अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकते।
त्वरित जानकारी (Quick Facts)
विवरण | जानकारी |
|---|---|
आरोपी अधिकारी | राकेश कुमार (पूर्व सीओ, पतरघट) |
मुख्य आरोप | ₹20,000 की रिश्वतखोरी |
जेल जहाँ बंद थे | भागलपुर केंद्रीय कारा |
वर्तमान स्थिति | दोबारा निलंबित |
नया मुख्यालय | गया |


