
भागलपुर। बहुप्रतीक्षित सुल्तानगंज–कटोरिया नई रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रेलवे निर्माण विभाग ने इस परियोजना के सर्वे और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का टेंडर फाइनल कर दिया है। एजेंसी का चयन हो चुका है और उसे शर्तों के अनुसार अगले नौ महीने के भीतर पूरी डिजाइन और डीपीआर तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी।
भागलपुर स्थित डिप्टी चीफ इंजीनियर कार्यालय से जारी टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परियोजना जमीनी स्तर पर आगे बढ़ेगी। डीपीआर तैयार होने के बाद लाइन का अलाइनमेंट, स्टेशन लोकेशन, पुल-पुलिया, आरओबी, एफओबी और अन्य संरचनाओं की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
कहां-कहां से गुजरेगी नई रेल लाइन
प्रस्तावित रेल लाइन सुल्तानगंज से असरगंज, तारापुर और बेलहर होते हुए कटोरिया तक जाएगी। यह नई रेल परियोजना करीब 70 किलोमीटर लंबी होगी और इसके बनने से बड़े ग्रामीण-अर्धशहरी इलाके को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। स्थानीय लोगों को लंबे समय से इस रेल लाइन का इंतजार है।
परियोजना के लिए 22 दिसंबर को टेंडर जारी हुआ था, जबकि 5 जनवरी को टेंडर प्रक्रिया बंद हुई। अब चयनित एजेंसी सर्वे, टोपोग्राफिक स्टडी और हाइड्रोलॉजिकल रिपोर्ट सहित विस्तृत तकनीकी अध्ययन करेगी।
रेलवे निर्माण विभाग के डिप्टी सीई हेमंत कुमार के अनुसार सुल्तानगंज–कटोरिया नई लाइन परियोजना की डिजाइन और डीपीआर तैयार करने का टेंडर फाइनल हो चुका है और नौ महीने में रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा तय की गई है।
19 साल पुरानी योजना फिर हुई सक्रिय
यह रेल परियोजना करीब 19 साल पहले प्रस्तावित हुई थी, लेकिन फंड की कमी के कारण इसे रोक दिया गया था। बाद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुरोध पर इसे स्वीकृति दी, जिसके बाद परियोजना को डी-फ्रीज किया गया। अब जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर सर्वे और डीपीआर का काम शुरू कराया जा रहा है।
डीपीआर के बाद शुरू होगा जमीन अधिग्रहण
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक डीपीआर तैयार होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसी भी नई रेल परियोजना में सबसे अधिक समय भूमि अधिग्रहण में लगता है। इसलिए इस प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर रहेगा, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके।
भागलपुर–जमालपुर तीसरी लाइन के लिए भी जमीन अधिग्रहण शुरू
इधर भागलपुर–जमालपुर रेलखंड पर प्रस्तावित तीसरी लाइन के लिए भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि अधिग्रहण पूरा होते ही तीसरी लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। इस सेक्शन में भविष्य में चौथी लाइन भी प्रस्तावित है।
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के रूट पर नई चर्चा
वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के रूट को लेकर भी नई चर्चाएं तेज हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि बरौनी–नवगछिया–कटिहार के बजाय जमालपुर–भागलपुर रूट पर भी संभावनाएं देखी जा सकती हैं। हालांकि मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने कहा है कि फिलहाल बजट में जितनी घोषणा हुई है, विभाग के पास उतनी ही आधिकारिक जानकारी है, इससे अधिक कुछ स्पष्ट नहीं है।


