HIGHLIGHTS: 114वें ‘बिहार दिवस’ पर कौशल विकास की ऊंची उड़ान; ‘उन्नत बिहार’ की कमान अब तकनीकी युवाओं के हाथ
- भव्य शुभारंभ: युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री संजय सिंह (टाइगर) ने दीप जलाकर किया विभागीय स्टॉल का उद्घाटन।
- मुख्य आकर्षण: टाटा टेक (Tata Tech) का ‘रोबोटिक्स मॉडल’ और आधुनिक AI तकनीक बनी छात्रों की पहली पसंद।
- मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सीएम प्रतिज्ञा योजना’ की दी जा रही है लाइव जानकारी।
- सीखो और जीतो: युवाओं के लिए ‘क्विज प्रतियोगिता’ का आयोजन; मौके पर ही विजेताओं को किया जा रहा है सम्मानित।
- मिशन विजन: सचिव डॉ. कौशल किशोर बोले— “हमारा लक्ष्य युवाओं को ‘बाजार की मांग’ के अनुरूप तैयार करना है।”
पटना | 22 मार्च, 2026
आज जब पूरा प्रदेश बिहार दिवस 2026 के रंग में सराबोर है, पटना के गांधी मैदान में बिहार के भविष्य यानी यहाँ के ‘युवाओं’ के लिए एक नई उम्मीद की किरण दिखी है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने इस बार पारंपरिक शिक्षा से इतर ‘तकनीकी कौशल’ (Technical Skills) का ऐसा संसार सजाया है कि छात्र दंग रह गए। विभागीय मंत्री संजय सिंह टाइगर ने रविवार को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बिहार का युवा केवल डिग्री लेकर नहीं घूमेगा, बल्कि उसके हाथों में हुनर और तकनीक की ताकत होगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह स्टॉल ‘सर्किल और सर्किट’ की दुनिया से निकलकर युवाओं को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) के भविष्य से जोड़ रहा है।
रोबोटिक्स और AI: जब मशीनों ने खींचा युवाओं का ध्यान
स्टॉल पर सबसे ज्यादा भीड़ टाटा टेक (Tata Tech) द्वारा प्रस्तुत ‘रोबोटिक्स मॉडल’ को देखने के लिए उमड़ रही है। विभाग ने यहाँ आधुनिक एआई तकनीक (AI Tech) का लाइव प्रदर्शन किया है।
आगंतुकों को यह समझाया जा रहा है कि:
- रोजगारपरक प्रशिक्षण: किस तरह नई तकनीक के माध्यम से भविष्य के उद्योगों (Industry 4.0) के लिए खुद को तैयार करें।
- कैरियर परामर्श: विशेषज्ञों की टीम युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार सही कौशल प्रशिक्षण चुनने में मदद कर रही है।
- मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना: इस योजना के तहत युवाओं को मिलने वाले आर्थिक और तकनीकी सहयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
“क्विज” के जरिए जागरूकता: सीखने का नया अंदाज
विभाग ने युवाओं को जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की है। स्टॉल पर लगातार क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसमें विभागीय योजनाओं, तकनीक और कौशल विकास से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। क्विज जीतने वाले छात्रों को मौके पर ही पुरस्कृत किया जा रहा है, जिससे युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
विभागीय सचिव डॉ. कौशल किशोर ने इस मौके पर कहा:
”विभाग का मुख्य उद्देश्य बिहार की युवा शक्ति और महिलाओं को आधुनिक कौशल से लैस करना है। हम केवल ट्रेनिंग नहीं दे रहे, बल्कि उन्हें ‘मार्केट रेडी’ बना रहे हैं ताकि वे अपने हुनर के दम पर सफलता की नई ऊंचाइयां छू सकें।”
VOB का नजरिया: क्या ‘स्किल’ ही है बिहार का नया गोल्ड?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि ‘उन्नत बिहार’ की थीम को सार्थक करने के लिए कौशल विकास विभाग का यह प्रयास बेहद महत्वपूर्ण है।
- ब्रेन ड्रेन पर लगाम: अगर बिहार में ही एआई और रोबोटिक्स जैसी ट्रेनिंग मिलेगी, तो हमारे युवाओं को छोटे-मोटे तकनीकी काम के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
- टाटा टेक जैसे दिग्गजों का साथ: बड़े औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर प्रशिक्षण देना यह सुनिश्चित करता है कि ट्रेनिंग की गुणवत्ता ‘ग्लोबल स्टैंडर्ड’ की होगी।
- आत्मनिर्भरता का मंत्र: सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या के बीच ‘मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना’ जैसे प्रयास युवाओं को ‘जॉब सीकर’ (नौकरी मांगने वाला) की जगह ‘जॉब क्रिएटर’ (नौकरी देने वाला) बना सकते हैं।
निष्कर्ष: सुशासन और युवा सपनों का ‘समन्वय’
114वें बिहार दिवस पर गांधी मैदान का यह स्टॉल यह गवाही दे रहा है कि बिहार का युवा अब ‘मजदूरी’ नहीं, बल्कि ‘मैनेजमेंट और मशीनरी’ में अपनी जगह बनाने को बेताब है। मंत्री संजय सिंह टाइगर के नेतृत्व में विभाग ने 2026 के इस उत्सव को युवाओं के लिए एक ‘कैरियर फेयर’ में बदल दिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ युवाओं से अपील करता है कि वे इस स्टॉल पर जाकर अपने भविष्य की संभावनाओं को जरूर तलाशें।


