‘अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने के बाद आसन पर नहीं बैठ सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष’- डिप्टी स्पीकर

बिहार में 28 जनवरी को एनडीए की सरकार ने शपथ ली. 12 फरवरी को नीतीश सरकार अपना बहुमत सिद्ध करेगी. इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाये गये प्रस्ताव पर भी वोटिंग होना है. वर्तमान में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी हैं. वे राजद कोटे के नेता हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. ऐसे में बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने विधानसभ अध्यक्ष को नसीहत दी है।

इस्तीफा की मांग जोर पकड़ने लगीः बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और जदयू नेता महेश्वर हजारी ने कहा कि सदन नियमावली से चलता है. और नियमावली के मुताबिक अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास का नोटिस आ गया हो तो वह कुर्सी पर नहीं बैठ सकते. महेश्वर हजारी ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष इस्तीफा देने से इनकार कर रहे हैं जो पूरी तरह से नियम के विपरीत है।

“जिस अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास का नोटिस दिया गया हो, वह कुर्सी पर नहीं बैठ सकते हैं. अगर वर्तमान अध्यक्ष ऐसा कर रहे हैं तो वह गलत है. चूंकी अध्यक्ष के खिलाफ ही मतदान होगा इसलिए वह कुर्सी पर नहीं बैठ सकते हैं.”- महेश्वर हजारी, डिप्टी स्पीकर, बिहार विधानसभा

सत्र की तैयारी को लेकर बैठक कीः बता दें कि अवध बिहारी चौधरी महागठबंधन सरकार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष बने थे. बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को लेकर एनडीए ने अविश्वास जाहिर किया. विधानसभा सचिवालय को भाजपा की ओर से अविश्वास का नोटिस दिया जा चुका है. विधानसभा अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दबाव में नहीं हैं. वह हर रोज दफ्तर आ रहे हैं. दैनिक कार्यों का निपटारा भी कर रहे हैं. बुधवार 7 फरवरी को आगामी सत्र की तैयारी को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की।

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