अमेरिका में भी गूंज उठा छठ महापर्व का गीत, अमेरिकी भी बने उदीयमान सूरज को अर्घ्‍य देने के पल के साक्षी

महापर्व छठ की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब यह न केवल पूरे भारतवर्ष में बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, बल्कि सात समंदर पार भी इसकी मान प्रतिष्ठा बढ़ी है। यही कारण है कि अब होली दिवाली के साथ ही छठ महापर्व में भी लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा है।

अमेरिका के वर्जीनिया में धूमधाम से मना छठ

अमेरिका के वर्जीनिया में बिहार और झारखंड मूल के बड़ी संख्या में लोगों ने छठ व्रत किया। भारत से समय अंतराल होने की वजह से आज सुबह भारतीय समय के अनुसार अल्गोंकियन रीजनल पार्क स्टर्लिंग वर्जीनिया में शाम यानी अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया। यहां सुबह का अर्घ्य भारतीय समय अनुसार रात लगभग आठ बजे दिया जाएगा।

छठ के लिए सामान भी आसानी से मिल रहा है

वर्जीनिया अमेरिका से जागरण के लिए तस्वीर उपलब्ध कराते हुए छठ व्रत कर रही स्वाति सिंह और बेला प्रसाद ने बताया कि यहां झारखंड बिहार मूल के काफी लोग छठ व्रत कर रहे हैं। 2015 से वर्जीनिया अमेरिका में रह रही धनबाद की स्वाति हर वर्ष छठ व्रत बड़े उत्साह के साथ करती आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि इधर एक दो वर्ष में छठ व्रत करने वालों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। यह हमारी भारतीय संस्कृति और बड़े स्तर पर मनाया जाने वाले पर्व की महत्ता बताता है। छठ व्रत में प्रयोग किया जाने वाला हर सामान अब बहुत आसानी से यहां मार्ट में मिल जाता है, जो सामान नहीं मिलता हम ऑनलाइन मंगा लेते हैं। यहां की सरकार अल्गोंकियन रीजनल पार्क भी छठ व्रत करने के लिए दे देते हैं।

सरकार छठ पर्व पर देती है विशेष रूप से ध्‍यान

हिंदुओं के सबसे पवित्र पर माने जाने वाले छठ को लेकर यहां के गवर्मेंट खास ध्यान रखती है। सफाई भी विशेष तौर पर करती है। इसके अलावा यहां बसे भारतीय मूल के लोग खुद भी भारत की तरह ही घर से लेकर छठ घाट तक सफाई करते हैं।

बेला प्रसाद बताती है कि उन्हें लगभग एक दशक यहां रहते हुए हो गया है हर वर्ष छठ व्रत में शामिल होती हैं। उनका पूरा परिवार स्वच्छता और पूरी सफाई के साथ इस पर्व में उत्साह के साथ भाग लेता है। हमें देखकर कुछ अमेरिकी भी हमारे इस त्योहार में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।

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