HIGHLIGHTS:
- भव्य आयोजन: 22 और 23 मार्च को सैंडिस कंपाउंड के ओपन थिएटर में सजेगी महफिल।
- थीम: बिहार गौरव गान और प्रार्थना गीत से गूंजेंगे जिले के सभी स्कूल; निकलेगी प्रभात फेरी।
- खास आकर्षण: ‘बिहार व्यंजन मेला’ में चखने को मिलेंगे क्षेत्रीय स्वाद; किलकारी के बच्चों का दिखेगा जलवा।
- सम्मान: राष्ट्रीय स्तर के मेधावियों और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा ‘अंगवस्त्र’ और ‘पौधा’।
सैंडिस कंपाउंड बनेगा उत्सव का केंद्र: 22 मार्च को ‘बिहार’ के नाम होगी शाम
भागलपुर: आगामी 22 मार्च को बिहार अपनी स्थापना का जश्न मनाएगा और भागलपुर में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘बिहार दिवस-2026’ का पूरा खाका खींच लिया गया है। इस बार का जश्न केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक ‘जन-उत्सव’ बनाने की तैयारी है। सैंडिस कंपाउंड का ओपन थिएटर दो दिनों तक कला, संस्कृति और स्वाद का संगम बनेगा।
[स्कूलों में उत्सव: रंग-रोगन से लेकर गौरव गान तक]
शिक्षा विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि जिले का हर बच्चा बिहार की विरासत से जुड़ सके:
- रंग-रोगन: कंपोजिट ग्रांट से स्कूलों की सूरत संवारी जाएगी।
- प्रभात फेरी: 22 मार्च की सुबह छात्र प्रभात फेरी निकालेंगे और स्कूलों में ‘बिहार गौरव गान’ गाएंगे।
- हेरिटेज टूर: छात्र केवल किताबों में नहीं, बल्कि हकीकत में जिले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
[कौन संभालेगा क्या? जिम्मेदारी की ‘टीम शीट’]
आयोजन को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए अफसरों की फौज तैनात की गई है:
|
जिम्मेदारी |
नोडल अधिकारी/विभाग |
मुख्य कार्य |
|---|---|---|
|
समग्र प्रभारी (नोडल) |
ADM (विधि-व्यवस्था) |
आयोजन का सफल संचालन और सुरक्षा। |
|
सांस्कृतिक समिति |
उप विकास आयुक्त (DDC) |
स्थानीय कलाकारों का चयन और कार्यक्रम। |
|
प्रदर्शनी/स्टॉल |
उप विकास आयुक्त (DDC) |
सरकारी योजनाओं की जानकारी देना। |
|
बिहार व्यंजन मेला |
जिला आपूर्ति पदाधिकारी |
बिहार के लजीज व्यंजनों का स्टॉल लगवाना। |
|
सुरक्षा एवं सफाई |
नगर निगम और भागलपुर पुलिस |
सफाई, पेयजल और पुलिस बल की तैनाती। |
नीली रोशनी में चमकेंगे दफ्तर और ‘अंगवस्त्र’ से होगा सम्मान
इस बार बिहार दिवस पर भागलपुर का विजुअल लुक बदला-बदला नजर आएगा। जिले के सभी सरकारी कार्यालयों को साफ-सफाई के बाद नीली रोशनी (Blue Lights) से सजाया जाएगा। इसके अलावा, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और खेल-विज्ञान-साहित्य में नाम रौशन करने वाले बच्चों को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
किलकारी और कला जत्था: बच्चों की प्रतिभा को सलाम
सैंडिस कंपाउंड में किलकारी के बच्चों के लिए पेंटिंग, गायन और नृत्य प्रतियोगिताएं होंगी। कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के बीच भी बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कॉम्पिटिशन आयोजित किए जाएंगे। विजेताओं को मंच पर पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति उत्साह बढ़ेगा।
VOB का नजरिया: लोकल कलाकारों और लोकल स्वाद पर दांव!
भागलपुर प्रशासन का स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देना एक शानदार कदम है। अक्सर बड़े आयोजनों में स्थानीय प्रतिभाएं दब जाती हैं, लेकिन इस बार का ‘ओपन थिएटर’ उनके लिए बड़ा मौका होगा। नीली रोशनी का कॉन्सेप्ट भागलपुर की शाम को खूबसूरत बनाएगा। हालांकि, ‘व्यंजन मेला’ में हाइजीन और स्कूलों में ‘कंपोजिट ग्रांट’ के सही इस्तेमाल पर नजर रखना एक चुनौती होगी। कुल मिलाकर, बिहार दिवस 2026 भागलपुरवासियों के लिए एक यादगार ‘कार्निवल’ बनने जा रहा है।


