पटना, 8 अगस्त 2025 — बिहार की सियासत में एक नया विवाद गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा दिखाए गए एक कथित EPIC कार्ड (मतदाता पहचान पत्र) की जांच अब गंभीर मोड़ पर पहुँच गई है। दीघा के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने शुक्रवार शाम तेजस्वी को तीसरा स्मारपत्र भेजते हुए 16 अगस्त शाम 5 बजे तक उस EPIC कार्ड की मूल प्रति जमा कराने का निर्देश दिया है।
क्यों बढ़ा मामला?
तेजस्वी यादव ने 1 अगस्त को गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची का हवाला देते हुए दावा किया था कि उनका नाम काट दिया गया है। इस दौरान उन्होंने RAB-2916120 नंबर का EPIC कार्ड दिखाकर कहा था कि यह उनका वोटर आईडी है।
लेकिन 2 अगस्त को निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा कई वर्षों की मतदाता सूचियों के डाटाबेस से मिलान करने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ —
“RAB-2916120 नंबर का कोई EPIC कार्ड निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ही नहीं किया गया।”
यानी यह कार्ड फर्जी प्रतीत होता है।
तीसरे पत्र में चेतावनी
तीसरे नोटिस में पदाधिकारी ने साफ कहा है कि —
- आपके द्वारा प्रदर्शित EPIC कार्ड निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है।
- फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाना और उसका प्रयोग करना कानूनी अपराध है।
- जांच के लिए मूल EPIC कार्ड की प्रति अनिवार्य रूप से जमा कराएं।
असल EPIC नंबर क्या है?
जांच में यह भी सामने आया कि तेजस्वी यादव का वैध EPIC नंबर RAB-0456228 है।
- यही नंबर उन्होंने 2015 और 2020 में राघोपुर विधानसभा से नामांकन में इस्तेमाल किया था।
- विशेष गहन पुनरीक्षण में BLO को दिए गए गणना प्रपत्र में भी यही नंबर दिया गया था।
आगे क्या?
यदि तेजस्वी 16 अगस्त तक मूल EPIC कार्ड उपलब्ध नहीं कराते हैं और कार्ड वाकई फर्जी साबित होता है, तो मामला न सिर्फ चुनाव आयोग बल्कि कानूनी कार्रवाई के स्तर तक पहुँच सकता है।


