कहते हैं शादी उम्रभर का बंधन होती है, लेकिन गोरखपुर के सहजनवा इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां यह रिश्ता कुछ ही दिनों में टूटने की कगार पर पहुंच गया। सुहागरात पर दूल्हे की “शारीरिक अक्षमता” सामने आने के बाद दुल्हन ने यह राज तीन दिनों तक छुपाए रखा। मायके पहुंचते ही उसने परिवार को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला पंचायत और अब तलाक की मांग तक पहुँच गया है।
शादी के चौथे दिन मायके पहुँची दुल्हन ने खोला सच
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार थाना क्षेत्र की रहने वाली लड़की की शादी सहजनवा के एक युवक से बड़ी धूमधाम से संपन्न हुई थी। लेकिन जब दुल्हन सुहागरात को कमरे में पहुँची तो उसे पता चला कि उसका पति शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है। यह देखकर वह हतप्रभ रह गई, पर तत्काल इस बात को सार्वजनिक करने से बची रही।
दुल्हन ने मामला इसलिए दबाकर रखा क्योंकि अगले ही कुछ दिनों में उसके भाई की शादी थी और वह नहीं चाहती थी कि कोई विवाद घर के माहौल को खराब कर दे। चुपचाप चार दिन बिताने के बाद जब वह मायके विदा हुई, तब उसने परिजनों को पूरा सच बताया।
परिजन भी स्तब्ध, भाई की शादी के बाद उठाया कदम
परिवार ने पहले भाई की शादी पूरी होने दी। उसके बाद दुल्हन का परिवार दूल्हे के घर पहुँचा और इस मुद्दे पर बातचीत का प्रयास किया। दुल्हन का कहना था कि उसे इस विवाह में रहना स्वीकार नहीं है और वह तलाक चाहती है।
एक सप्ताह तक चली पंचायत, दूल्हे का परिवार तलाक को तैयार नहीं
दोनों परिवारों के बीच करीब एक हफ्ते तक पंचायत और समझौते की कोशिशें चलीं, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
दुल्हन का पक्ष जहां तलाक की मांग पर अडिग है, वहीं दूल्हे का परिवार किसी भी कीमत पर शादी तोड़ने को तैयार नहीं है।
दुल्हन का परिवार पुलिस के पास पहुँचा, दूल्हा घर से लापता
दुल्हन के परिजनों ने पुलिस को मौखिक शिकायत भी दी है और कानूनी मदद मांगी है। वहीं दूसरी ओर, दूल्हा और उसके घर के पुरुष फिलहाल घर से गायब बताए जा रहे हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि दोनों परिवार आपस में बातचीत कर रहे हैं और अभी तक लिखित शिकायत नहीं दी गई है। जैसे ही तहरीर मिलेगी, कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मामला बढ़ा, भविष्य अनिश्चित
दंपति के बीच नई-नई बनी यह शादी अब टूटने की कगार पर है। पंचायतें, परिजन और पुलिस—सब मिलकर समाधान की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन दुल्हन की तलाक की जिद और दूल्हे पक्ष का इनकार मामले को लंबा खींच सकता है।


