फीचर फिल्म ‘कोन्याक’ की पटकथा ने निर्माताओं को 100 करोड़ रुपये की बड़ी लागत वाले निर्माण के लिए किया प्रेरित

55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) की ओर से आयोजित फिल्म बाज़ार 2024 में फिल्मों के माध्यम से कथाएं कहने वालों की नई पीढ़ी का भी उत्सव देखने को मिला। इस अवसर पर प्रतिष्ठित स्क्रीनराइटर्स लैब के लिए चुनी गई फीचर फिल्म कोन्याक के बारे में भी घोषणा की गई। आपको बता दें कि फिल्म ‘कोन्याक’ ने सबका ध्यान आकर्षित किया। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ क्लेयर डोबिन के निर्देशन में तैयार पटकथा के साथ, ‘कोन्याक’ एक ऐसी फिल्म के रूप में उभरी है, जिसमें अस्तित्व, सम्मान और मुक्ति के शाश्वत विषयों के साथ सांस्कृतिक गंभीरता का अनूठा मेल है। स्क्रीनराइटर्स लैब के संरक्षक, क्लेयर ने पटकथा की सराहना करते हुए ‘कोन्याक’ को “विश्वासघात, साहस और लचीलेपन की एक ऐसी कहानी बताया, जो दर्शकों को बांध लेने वाली है।

फीचर फिल्म ‘कोन्याक’ की पटकथा ने निर्माताओं को 100 करोड़ रुपये की बड़ी लागत वाले निर्माण के लिए किया प्रेरित

फिल्म कोन्याक को पंकज कुमार ने किया निर्देशित

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस बारे में जानकारी दी है। उद्धव घोष द्वारा लिखित, ‘कोन्याक’ पंकज कुमार निर्देशित पहली फीचर फिल्म है। बता दें कि पंकज कुमार सिनेमैटोग्राफर के रूप में फिल्म ‘तुम्बाड़’ में तकनीक के उपयोग से मंत्रमुग्ध करने वाले दृश्यों की रचना के अपने कार्य के लिए चर्चित रहे हैं। उन्होंने इस बार ‘कोन्याक’ में कथा कहने की अपनी विशेषज्ञता प्रस्तुत की है।

हमारा लक्ष्य अविश्वसनीय,अकल्पनीय माहौल के अनुभव की रचना करना है

फिल्म के बारे में अपने उत्साह को व्यक्त करते हुए पंकज कुमार ने कहा, “कोन्याक केवल ऐसी कहानी नहीं है जिसमें एक्शन हो, यह नागालैंड की किंवदंतियों, वहां के समुदाय और कठिन परिस्थितियों की एक गहरी खोज है जहां कोई भी गलती भारी पड़ सकती है। इस फिल्म के साथ, हमारा लक्ष्य एक ऐसे माहौल के अनुभव की रचना करना है जो अविश्वसनीय, अकल्पनीय भावना से परिपूर्ण हो।”

क्लेयर डोबिन के निर्देशन में तैयार पटकथा

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ क्लेयर डोबिन के निर्देशन में तैयार पटकथा के साथ, ‘कोन्याक’ फिल्म, अल्पज्ञात किन्तु अविस्मरणीय लोगों पर प्रकाश डालती है। लैब ने उद्धव घोष को इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ को समाविष्ट करते हुए लोककथा और जादुई यथार्थवाद को जोड़कर अपने आख्यान को और गंभीर बनाने के लिए मंच प्रदान किया। इस तरह यह फिल्म दुनिया भर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने में सक्षम हो सकती है। इसके साथ ही यह फिल्म वैश्विक मानकों तक भारतीय सिनेमा के उत्थान में फिल्म बाज़ार जैसी पहलों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाती है।

फिल्म निर्माताओं को बड़ी लागत वाले निर्माण के लिए प्रेरित किया

आपको बता दें 2007 से जारी एनएफडीसी स्क्रीनराइटर्स लैब, फिल्म बाज़ार की एक प्रमुख पहल है। इसने प्रसिद्ध पटकथा और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनएफडीसी के स्क्रीनराइटर्स लैब 2024 में चयन के बाद , कोन्याक ने अभूतपूर्व रूप से सबका ध्यान आकर्षित किया है। फिल्म की पटकथा ने फिल्म निर्माताओं को 100 करोड़ रुपये की बड़ी लागत वाले निर्माण के लिए प्रेरित किया है।

फिल्म बाजार 2024 में प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माता कई पटकथाओं की ओर आकर्षित हुए। इससे अन्य स्क्रीनराइटर्स लैब परियोजनाओं में भी बढ़ती रुचि का पता चलता है।

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