साबरमती की गर्जना में विलीन हुई 19 नवंबर की खामोशी! भारत ने रचा ‘विश्व कप हैट्रिक’ का इतिहास; संजू और बुमराह ने अहमदाबाद में गाड़ा विजय पताका

अहमदाबाद: 19 नवंबर 2023 की वो डरावनी खामोशी, जिसने करोड़ों भारतीयों के दिल तोड़े थे, कल साबरमती के तट पर ‘विजय गर्जना’ में बदल गई। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कल जो हुआ, वह केवल एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पूर्ण वर्चस्व का ऐलान था। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से रौंदकर लगातार दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीतकर इतिहास के पन्ने फिर से लिख दिए हैं।

क्रिकेट इतिहास की पहली ‘वर्ल्ड कप हैट्रिक’

​भारतीय टीम ने वह कारनामा कर दिखाया जो आज तक दुनिया का कोई देश नहीं कर सका। भारत ने ‘विश्व कप की हैट्रिक’ पूरी कर ली है:

  • 2024: पुरुष टी-20 विश्व कप विजेता।
  • 2025: महिला टी-20 विश्व कप विजेता।
  • 2026: पुरुष टी-20 विश्व कप विजेता। इसके साथ ही भारत अपने घर में टी-20 विश्व चैंपियन बनने वाला पहला देश बन गया है और लगातार दो टी-20 खिताब जीतने का गौरव भी हासिल किया है।

बल्लेबाजों का ‘रंग-बरसे’: संजू, अभिषेक और इशान का तूफान

​अहमदाबाद की लाल-काली मिट्टी की पिच पर भारतीय बल्लेबाजों ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।

  • संजू सैमसन (89): 46 गेंदों की इस पारी ने संजू को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बना दिया। वे विराट और बुमराह के बाद यह उपलब्धि पाने वाले तीसरे भारतीय बने।
  • अभिषेक शर्मा (52): मात्र 21 गेंदों में तबाही मचाकर कीवी टीम का मनोबल तोड़ दिया।
  • इशान किशन (54): 25 गेंदों की आतिशी पारी ने स्कोर को हिमालय जैसा बना दिया।
  • शिवम दुबे (26):* आखिरी 8 गेंदों पर 26 रन ठोककर भारत को 255/5 तक पहुँचाया, जो विश्व कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है।

गेंदबाजी का ‘ब्रह्मास्त्र’: बुमराह ने रचा कीर्तिमान

​जब 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने न्यूजीलैंड उतरी, तो जसप्रीत बुमराह ने अपनी आग उगलती गेंदों से उन्हें कहीं टिकने नहीं दिया।

  • बुमराह का मैजिक: 4 ओवर में मात्र 15 रन देकर 4 विकेट। बुमराह टी-20 विश्व कप के नॉकआउट (फाइनल/सेमीफाइनल) में 4 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने।
  • कीवी पतन: पूरी न्यूजीलैंड टीम 19 ओवर में 159 रनों पर ढेर हो गई। 96 रनों की यह जीत विश्व कप फाइनल की सबसे बड़ी जीत है।

भावुक क्षण: जब सूर्या ने चूमी मिट्टी

​जैसे ही तिलक वर्मा ने मैच का आखिरी कैच लपका, पूरा स्टेडियम भावनाओं के समंदर में डूब गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पिच की मिट्टी पर हाथ लगाकर उसे नमन किया, जैसे वे उस मैदान को 2023 के जख्मों को भरने के लिए शुक्रिया कह रहे हों। डगआउट से रोहित शर्मा और एमएस धोनी को जय शाह के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का आनंद लेते देखा गया।

विजय उत्सव के ‘Quick Facts’

  • इनामी राशि: विजेता भारत को 27.5 करोड़ रुपये मिले (2007 के मुकाबले 150% ज्यादा)। उपविजेता को 14.67 करोड़।
  • रविवार का तिलिस्म टूटा: भारत पहली बार रविवार के दिन विश्व विजेता बना है। इससे पहले सभी खिताब शनिवार या सोमवार को आए थे।
  • सिक्के का साथ नहीं: सूर्या ने 9 में से 7 टॉस हारे, फिर भी चैंपियन बने।
  • मनोरंजन: रिकी मार्टिन, सुखबीर और फाल्गुनी पाठक की प्रस्तुतियों ने फिनाले को यादगार बनाया।

VOB का नजरिया: यह केवल ट्रॉफी नहीं, ‘मरहम’ है!

​अहमदाबाद की वही पिच, वही नीली जर्सी और वही शोर… बस इस बार कहानी का अंत अलग था। 2023 का वो जख्म जो ऑस्ट्रेलिया ने दिया था, कल सूर्या की सेना ने उस पर जीत का लेप लगा दिया। संजू सैमसन का ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनना उन सभी के लिए जवाब है जिन्होंने उनकी काबिलियत पर शक किया था। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ पूरे देश को इस गौरवशाली उपलब्धि पर बधाई देता है। आज जश्न मनाइए, क्योंकि हम विश्व के ‘हैट्रिक’ किंग हैं!

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