
पटना, 31 मार्च 2026: बिहार में बिजली दरों को लेकर सियासत तेज हो गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने पीक आवर के दौरान बिजली महंगी किए जाने के फैसले पर राज्य सरकार और एनडीए गठबंधन पर तीखा हमला बोला है।
मुकेश साहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान एनडीए ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा कर जनता को आकर्षित किया था, लेकिन अब उसी जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने इस वादे को “झुनझुना” बताते हुए कहा कि यह केवल चुनावी फायदा उठाने के लिए किया गया था।
‘चुनाव के बाद बदल गया सरकार का रवैया’
साहनी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद एनडीए सरकार अपने असली रूप में आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद जनता से किए गए वादों को नजरअंदाज कर दिया है और अब महंगाई के जरिए आम लोगों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पीक आवर में बिजली दर बढ़ाना सीधे तौर पर आम और मध्यम वर्ग को प्रभावित करेगा, क्योंकि इसी समय घरेलू खपत सबसे ज्यादा होती है। इससे लोगों का मासिक खर्च बढ़ेगा और आर्थिक बोझ और गहराएगा।
‘महंगी गैस और बिजली से दोहरी मार’
वीआईपी प्रमुख ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा कि एक ओर रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली भी महंगी की जा रही है। इससे आम जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने के उपाय करने चाहिए थे, लेकिन इसके उलट फैसले लिए जा रहे हैं, जो आम लोगों की परेशानी बढ़ाने वाले हैं।
‘खाली खजाने का बोझ जनता पर डाला जा रहा’
मुकेश साहनी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है और उसकी भरपाई के लिए जनता पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए किए गए वादों का खामियाजा अब जनता भुगत रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
बिजली दरों को लेकर दिए गए इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच और तीखी टकराव देखने को मिल सकता है।


