​’हमारा बिहार, हमारी सड़क’ ऐप का कमाल: घर बैठे करें टूटी सड़क की शिकायत, तुरंत होगी कार्रवाई; अब तक 2000 से ज्यादा मामले सुलझे

  • सड़क या पुलिया टूटी है? अब ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, बस मोबाइल ऐप पर फोटो डालें और पाएं समाधान
  • 93% शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा; मुजफ्फरपुर और दरभंगा जोन से आईं सबसे ज्यादा शिकायतें
  • लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी: तय समय में सड़क नहीं बनी तो होगी विभागीय कार्रवाई

द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)

​बिहार के गांवों में अब टूटी सड़कें और जर्जर पुलिया अधिकारियों की लापरवाही के कारण लंबे समय तक खराब नहीं रहेंगी। ग्रामीण कार्य विभाग का ‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’ (Hamara Bihar, Hamari Sadak) मोबाइल ऐप ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल रहा है। अगर आपके गांव की सड़क खराब है, तो अब आपको किसी नेता या दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। बस एक क्लिक पर आपकी शिकायत सीधे जिम्मेदार अधिकारी तक पहुंचेगी और उस पर तत्काल कार्रवाई होगी।

आंकड़े बोल रहे हैं: 93% मामलों का समाधान

​वर्ष 2026 में इस ऐप की सफलता के आंकड़े उत्साहजनक हैं। 9 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक:

  • कुल शिकायतें प्राप्त: 2,239
  • सुलझाई गई शिकायतें: 2,097
  • सफलता दर: 93.66% शिकायतों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है।

​यह ऐप अब केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावशाली मंच बन गया है।

मुजफ्फरपुर और दरभंगा सबसे आगे

​ऐप के जरिए शिकायत करने में उत्तर बिहार के लोग सबसे आगे हैं।

  1. मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र: यहाँ सर्वाधिक 517 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 468 का समाधान कर दिया गया है।
  2. दरभंगा परिक्षेत्र: यहाँ 476 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 448 का निवारण सफलतापूर्वक किया गया।

कैसे करें शिकायत? (Step-by-Step)

​अगर आप भी अपने इलाके की खराब सड़क की शिकायत करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया अपनाएं:

  1. डाउनलोड: Google Play Store से ‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’ ऐप डाउनलोड करें।
  2. लॉगिन: अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करें।
  3. विवरण: अपने जिला, प्रखंड, पंचायत और गांव का चयन करें।
  4. अपलोड: खराब सड़क या पुल-पुलिया की फोटो और जानकारी अपलोड करें।
  5. सबमिट: आपकी शिकायत तुरंत संबंधित पदाधिकारी के पास पहुंच जाएगी।

अधिकारियों की जवाबदेही तय

​विभाग ने सख्त नियम बनाए हैं। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थल का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य पूरा करना अनिवार्य है।

  • सबूत: काम पूरा होने के बाद अधिकारी को ठीक हुई सड़क की फोटो और रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करनी होती है, जिसे शिकायतकर्ता अपने मोबाइल पर देख सकता है।
  • कार्रवाई: अगर समय सीमा के भीतर काम नहीं हुआ या लापरवाही बरती गई, तो अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
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