बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा शुरू किए गए जवाबदेही और पारदर्शिता आधारित अभियान से गैरजिम्मेदार राजस्व अधिकारी असहज नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए कि राजस्व सेवा संघ ने मंत्री के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र तक लिख दिया।
हालांकि, इस पत्र के बाद आम जनता खुलकर मंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में सामने आ गई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी अपने डिप्टी सीएम के पक्ष में मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है।
जनता का विश्वास ही शासन की सबसे बड़ी पूंजी : BJP
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पीयूष शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“जनता का विश्वास ही शासन की सबसे बड़ी पूंजी है और जवाबदेही उसकी आत्मा।”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में
- सत्ता का वास्तविक स्रोत जनता होती है,
- जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के विश्वास से मिले दायित्व के वाहक होते हैं, स्वामी नहीं।
सरकार वेतन, पद, प्रतिष्ठा और सुविधाएं इसलिए देती है ताकि जनसेवक निडर होकर, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ जनता के कार्यों का समयबद्ध निष्पादन करें।
जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग केवल अनैतिक नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है।
भूमि विवाद केवल प्रशासनिक नहीं, सामाजिक शांति का मुद्दा
पीयूष शर्मा ने कहा कि बिहार में भूमि विवाद सिर्फ प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक शांति से जुड़ा गंभीर विषय रहा है।
समय पर समाधान नहीं होने से—
- विवाद बढ़ते हैं,
- हिंसा और वैमनस्य जन्म लेते हैं,
- पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि दशकों तक मामलों को लटकाने से जनता का व्यवस्था से भरोसा टूटता है, ऐसे में समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई ही विश्वास बहाल कर सकती है।
‘लटकाओ–भटकाओ–फिर खींचो’ की नीति अब नहीं चलेगी
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का यह बयान—
“लटकाओ–भटकाओ–फिर खींचो (नकदी) की नीति अब नहीं चलेगी”
सिर्फ एक कथन नहीं, बल्कि जवाबदेही आधारित शासन की स्पष्ट घोषणा है।
यह संदेश साफ है कि—
अब व्यवस्था जनता के लिए है, न कि जनता व्यवस्था के लिए।
आज बिहार की जनता इस तरह की कार्यशैली की खुले तौर पर सराहना कर रही है और खुश नजर आ रही है।
जनकल्याण संवाद शिविर से मजबूत हो रहा भरोसा
पीयूष शर्मा ने कहा कि एनडीए सरकार को बिहार की जनता ने मजबूत जनादेश देकर सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की अपेक्षा जताई है।
जिला-दर-जिला जाकर
- भूमि सुधार जनकल्याण संवाद शिविर,
- ऑन-स्पॉट मामलों का निपटारा,
जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि
“जब शासन विश्वास और जवाबदेही के साथ चलता है, तब न केवल समस्याएं सुलझती हैं, बल्कि लोकतंत्र भी मजबूत होता है।”


