HIGHLIGHTS: बैजानी जनसंवाद में सम्राट की ‘गर्जना’
- दोहरे एयरपोर्ट: भागलपुर और सुलतानगंज एयरपोर्ट का काम 6 महीने में धरातल पर दिखने लगेगा।
- शिक्षा का मंदिर: कहलगांव (अंतीचक) में विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 2 माह में जमीन अधिग्रहण शुरू।
- मेट्रो सिटी: अब पटना के बाद भागलपुर में भी चलेगी मेट्रो; शहर के ट्रैफिक को मिलेगी नई रफ्तार।
- इन्वेस्टमेंट: पावर प्लांट और मरीन ड्राइव (गंगा पथ) पर ₹36,000 करोड़ का मेगा निवेश।
- कनेक्टिविटी: मुंगेर (साफियाबाद) से सबौर (ममलखा) तक बनेगा बिहार का सबसे बड़ा गंगा पथ।
भागलपुर/बैजानी | 18 मार्च, 2026
भागलपुर के बैजानी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास का ऐसा ‘विराम’ लगाया, जिसने सिल्क सिटी की तकदीर बदलने का भरोसा जगा दिया है। सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में सम्राट चौधरी ने आंकड़ों और विजन के जरिए यह साफ कर दिया कि भागलपुर अब केवल ‘स्मार्ट सिटी’ नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल हब’ बनने की राह पर है।
📊 बिहार का ‘ट्रांसफॉर्मेशन’: 2005 बनाम 2026
डिप्टी सीएम ने तुलनात्मक आंकड़ों से विकास की रफ्तार को समझाया:
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मानक |
वर्ष 2005 |
वर्ष 2026 (वर्तमान) |
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सड़कों का जाल |
6,000 किमी |
1.40 लाख किमी |
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वार्षिक बजट |
₹23,000 करोड़ |
₹3.47 लाख करोड़ |
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बिजली बिल |
भारी बोझ |
80% घरों में बिल नहीं (सोलर/मुफ्त) |
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कनेक्टिविटी |
जर्जर रास्ते |
एक्सप्रेस-वे और मरीन ड्राइव |
गंगा पथ और मरीन ड्राइव: भागलपुर की नई लाइफलाइन
सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि साफियाबाद (मुंगेर) से ममलखा (सबौर) तक बनने वाला गंगा पथ न केवल भागलपुर, बल्कि पूरे पूर्वी बिहार के लिए गेम-चेंजर होगा। इसके साथ ही ₹36,000 करोड़ का निवेश पावर सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर में नई जान फूंकेगा।
“भागलपुर का विकास मेरा अपना विकास है”
भावुक होते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि भागलपुर के आखिरी गांव के ठीक बाद उनका घर है, इसलिए इस क्षेत्र का विकास उनके लिए व्यक्तिगत प्राथमिकता है। उन्होंने खुटहा जैसी जगहों पर सड़क पहुँचने को ‘सुशासन’ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
”6 महीने इंतजार कीजिए, हवाई जहाज उड़ने की तैयारी और मेट्रो की पटरी का खाका जमीन पर दिखने लगेगा। हमने कानून का राज दिया है, अब विकास का आसमान देंगे।”
— सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री, बिहार
VOB का नजरिया: क्या ‘मेट्रो’ और ‘एयरपोर्ट’ से दूर होगी भागलपुर की टीस?
भागलपुर की जनता वर्षों से हवाई सेवा और जाम की समस्या से जूझ रही है। डिप्टी सीएम का 6 महीने की डेडलाइन देना एक बड़ा दांव है। अगर विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय का जमीन अधिग्रहण और एयरपोर्ट का काम समय पर शुरू होता है, तो यह सम्राट चौधरी के राजनीतिक कद को इस क्षेत्र में और मजबूत करेगा। भागलपुर को मेट्रो और दो-दो एयरपोर्ट की सौगात मिलना इसे सीधे तौर पर वाराणसी और पटना जैसे शहरों के मुकाबले खड़ा कर देगा। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासनिक अधिकारी इन घोषणाओं को कितनी जल्दी ‘फाइल’ से निकालकर ‘फील्ड’ पर लाते हैं।


