पटना, 16 जुलाई 2025 – बिहार में महिलाओं के लिए चलाई जा रही पिंक बस सेवा लगातार लोकप्रिय होती जा रही है। महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बीते दो महीनों में इस सेवा का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या छह गुना तक बढ़ गई है।
जून में रिकॉर्ड 28 हजार महिला यात्राएं
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में जहां लगभग 5,000 महिलाओं ने पिंक बसों में सफर किया था, वहीं जून में यह आंकड़ा 28,000 से भी अधिक हो गया। इस प्रकार दो महीनों में 33,000 से ज्यादा महिलाएं पिंक बस सेवा का लाभ उठा चुकी हैं।
पटना प्रमंडल सबसे आगे
सबसे ज्यादा उपयोग पटना प्रमंडल की महिलाओं द्वारा किया गया है, जहां 21,000 से अधिक महिला यात्री पिंक बस से यात्रा कर चुकी हैं। वहीं भागलपुर, पूर्णिया, गया और दरभंगा प्रमंडलों से 7,000 से अधिक छात्राएं और कामकाजी महिलाएं सफर कर चुकी हैं।
80 और पिंक बसें होंगी शामिल
राज्य में फिलहाल 20 सीएनजी पिंक बसें चल रही हैं:
- पटना: 8 बसें
- मुजफ्फरपुर: 4 बसें
- भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया: 2-2 बसें
निगम अब 80 नई पिंक बसों के परिचालन की योजना बना रहा है, जिनमें से 35 बसें केवल पटना में चलेंगी। ये सभी बसें अगस्त 2025 के अंत तक राज्य में आ जाएंगी।
निगम द्वारा इन बसों के संचालन के लिए महिला चालकों को दो चरणों में आवासीय प्रशिक्षण देने की भी योजना बनाई गई है, ताकि महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिल सके।
पिंक बस में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक बसों में निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
- सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन
- मेडिसिन किट
- पैनिक बटन
- जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम
- सीसीटीवी कैमरा
- चार्जिंग पॉइंट
- महिला कंडक्टर (संवाहक)
इसके साथ ही BSRTC राजधानी पटना के सभी कॉलेजों में पिंक बस पास के लिए विशेष कैंप आयोजित करने जा रहा है, जिससे छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिल सके।
पिंक बस सेवा न केवल महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दे रही है, बल्कि यह नारी सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का भी एक प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। आने वाले समय में राज्य भर में इसका विस्तार महिलाओं के लिए एक नई यात्रा की शुरुआत होगी।


