फुल बहुमत की सरकार बनते ही एनडीए खेमे में जश्न का माहौ
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में भागलपुर जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की प्रचंड जीत ने पूरे जिले के राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद से ही एनडीए समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
जिले के सुल्तानगंज, भागलपुर, नाथनगर, कहलगांव, गोपालपुर, पीरपैंती और बाढ़ सीट पर एनडीए प्रत्याशियों ने भारी अंतर से जीत दर्ज की, जिससे जिले में एनडीए का दबदबा साफ नजर आया।
सुल्तानगंज में प्रो. ललित नारायण मंडल की ऐतिहासिक जीत
सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार प्रोफेसर ललित नारायण मंडल ने प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की। मतगणना के शुरुआती राउंड से ही उन्होंने बढ़त बनाए रखी, जो अंतिम राउंड तक लगातार बढ़ती गई।
विजय के बाद क्षेत्र में जश्न का माहौल देखने को मिला —
- ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत
- कार्यकर्ताओं में नाच-गाना
- एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई
एनडीए नेताओं का बड़ा बयान — “बिहार में फुल बहुमत की सरकार, जनता का जनादेश साफ”
प्रचंड जीत के बाद जेडीयू और एनडीए नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जीत जनता के विकास और सुशासन में विश्वास की जीत है।
जदयू की पूर्व राज्यसभा सदस्य कहकशां परवीन ने कहा—
“बिहार ने एक बार फिर विकास और स्थिरता को चुना है। भागलपुर की सातों सीटों पर जीत इस बात का संकेत है कि जनता एनडीए के नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा करती है।”
जदयू अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महेश दास बोले—
“यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि जनता का आशीर्वाद है। बिहार में फुल बहुमत की एनडीए सरकार बनना तय है और आने वाला समय जनहित की योजनाओं को और आगे बढ़ाएगा।”
जिले में जश्न का माहौल—सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल
विजय की घोषणा होते ही—
- एनडीए कार्यालयों में पटाखों की आतिशबाज़ी
- कार्यकर्ताओं का सड़क पर उतरकर जश्न
- जगह-जगह ढोल-नगाड़े व बाजे
- मिठाई बांटकर समर्थन जताया गया
वहीं जश्न के दौरान कई वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी जुटे रहे।
जश्न में शामिल प्रमुख चेहरे:
- कहकशां परवीन (पूर्व राज्यसभा सदस्य, JDU)
- महेश दास (जिला अध्यक्ष, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, JDU)
- एनडीए के सैकड़ों कार्यकर्ता
भागलपुर जिले की 7 विधानसभा सीटों पर एनडीए की मजबूत पकड़
इस चुनाव में जिले की सभी सीटों पर एनडीए के प्रत्याशियों ने—
- मजबूत जातीय समीकरण
- बेहतर बूथ प्रबंधन
- और मोदी-नीतीश फैक्टर
का लाभ उठाते हुए जीत हासिल की।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह परिणाम आगामी वर्षों में जिले की राजनीति को नए रूप में परिभाषित करेगा।
निष्कर्ष: एनडीए के लिए भागलपुर बना ‘स्ट्रॉन्गहोल्ड’, विपक्ष सिमटा
भागलपुर जिले में सात में सात सीटों पर एनडीए की जीत से यह साफ हो गया है कि जिले में एनडीए का जनाधार निरंतर मजबूत हो रहा है। वहीं विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम गंभीर आत्ममंथन का विषय बन चुका है।


