पटना: बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान सोमवार को सदन में विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। इसी क्रम में कांग्रेस के एमएलसी समीर कुमार सिंह ने एमएलसी आवास के पास हो रही सड़क दुर्घटनाओं का मामला उठाकर सभी को चौंका दिया।
समीर कुमार सिंह ने कहा कि आर ब्लॉक स्थित एमएलसी आवास में हर दो-चार दिन पर सुबह या देर रात चीखने की आवाजें सुनाई देती हैं। बाद में पता चलता है कि इलाके में सड़क हादसे में किसी की जान चली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पथ निर्माण विभाग ने इस गंभीर मुद्दे को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया।
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि सरकार की ओर से जवाब दिया गया है कि बाईपास और साइन बोर्ड की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन अगर इंतजाम पर्याप्त होते तो बार-बार यह सवाल उठाने की जरूरत नहीं पड़ती। उनका दावा था कि इस पुल पर जितनी दुर्घटनाएं हो रही हैं, उतनी शायद कहीं और नहीं होती होंगी, जिसका प्रमाण आंकड़ों से मिल सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित पुल के निर्माण के लिए तीन डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की गई थीं। पहले डीपीआर के अनुसार दुर्घटनाएं कम हो सकती थीं, लेकिन उसे निरस्त कर तीसरे डीपीआर को स्वीकृति दे दी गई।
इस पर सरकार की ओर से पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहले एमएलसी आवास परिसर में भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। मंत्री ने बताया कि विभाग की ओर से एमएलसी आवास परिसर में बेहतर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही विधानसभा और विधान परिषद परिसर में भी सड़कों का निर्माण कराया गया है।
मंत्री ने कहा कि अटल पथ पर बेली रोड, शिवपुरी, राजीव नगर और अशोक राजपथ में फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया है, ताकि नीचे यातायात सुचारु रहे और दुर्घटनाएं कम हों। पैदल यात्रियों के लिए एमएलसी आवास, पुनाईचक, महेश नगर और कुर्जी नाला लेन के पास फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं, लेकिन लोग उनका उपयोग नहीं करते और शॉर्टकट रास्ता अपनाते हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्घटनाएं रोकने के लिए कई स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं और अन्य सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं। मंत्री ने सदन के सदस्यों से सुझाव देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है और आवश्यकता पड़ने पर और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


