बिहार में लगातार बढ़ती ठंड और गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। अररिया, सिवान, भोजपुर और सीतामढ़ी जिलों में 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। वहीं मुजफ्फरपुर जिले में स्कूलों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया गया है।
अररिया में कक्षा 5 तक स्कूल बंद
अररिया के जिलाधिकारी विनोद दूहन ने आदेश जारी करते हुए बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में सुबह और शाम के समय अत्यधिक ठंड पड़ रही है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इसके मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत अररिया जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं कोचिंग संस्थानों में कक्षा 5 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 24 दिसंबर 2025 तक प्रतिबंध लगाया गया है।
कक्षा 6 से ऊपर की पढ़ाई सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित की जा सकेगी। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को गर्म भोजन देने के लिए दोपहर 12 से 2 बजे तक खुले रहेंगे। प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा की विशेष कक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी। शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मियों को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा।
सिवान, भोजपुर और सीतामढ़ी में भी स्कूल बंद
अत्यधिक ठंड को देखते हुए सिवान, भोजपुर और सीतामढ़ी जिलों में भी 24 दिसंबर तक सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
मुजफ्फरपुर में बदला गया स्कूलों का समय
मुजफ्फरपुर जिले में स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन संचालन समय में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने आदेश जारी कर कहा है कि जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) में शैक्षणिक गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले और दोपहर 3:30 बजे के बाद संचालित नहीं की जाएंगी।
यह आदेश 22 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए चलने वाली विशेष कक्षाएं और परीक्षाएं इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी।
अभिभावकों से अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, उन्हें गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजें और ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय करें। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय लिए जाएंगे।




