
- नया ठिकाना: उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पुराने सचिवालय स्थित अपने नए कार्यालय में कामकाज शुरू किया; छुट्टी के दिन भी एक्शन मोड में दिखे मंत्री।
- समीक्षा बैठक: डीजीपी और गृह सचिव के साथ की हाई-लेवल मीटिंग; साफ कहा- संगठित अपराध, साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं।
- पुराना गौरव: सरदार पटेल भवन बनने से पहले यहीं से चलता था गृह विभाग; अब फिर से पुराने सचिवालय में गृह मंत्री और गृह सचिव के लिए बने कार्यालय कक्ष।
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/सचिवालय)
बिहार के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने रविवार को ऐतिहासिक पुराने सचिवालय (Old Secretariat) स्थित अपने नए कार्यालय से कामकाज की शुरुआत कर दी है। छुट्टी का दिन होने के बावजूद उन्होंने पहले ही दिन कड़े तेवर दिखाए और विभाग के आला अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
जीरो टॉलरेंस की नीति
बैठक में गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध (Organized Crime), साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस को दिए सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ने पुलिस की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
- त्वरित निष्पादन: लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।
- संवेदनशील जिले: ऐसे जिलों की विशेष निगरानी की जाए।
- जन संवाद: थानों में आम लोगों की शिकायतों का तुरंत समाधान हो और पुलिस-पब्लिक के बीच संवाद मजबूत किया जाए।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
इस अहम बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, डीजीपी विनय कुमार, डीजी होमगार्ड शोभा ओहटकर, डीजी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार और ओएसडी संजय कुमार सिंह उपस्थित रहे।
फिर से पुराने सचिवालय लौटा गृह विभाग
गौरतलब है कि वर्तमान में पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग का संचालन सरदार पटेल भवन से होता है। लेकिन, इससे पहले ये कार्यालय पुराने सचिवालय में ही थे। अब एक बार फिर पुराने सचिवालय में गृह मंत्री और गृह सचिव के कार्यालय कक्ष बनाए गए हैं, जहां से कामकाज शुरू हो गया है।
कानून व्यवस्था को लेकर यह सक्रियता अहम है।


