पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन और एनडीए के बीच घोषणापत्र की जंग तेज हो गई है। जहां महागठबंधन ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में अपना घोषणापत्र ‘तेजस्वी प्रण’ जारी कर दिया है, वहीं अब खबर है कि एनडीए 30 अक्टूबर को अपना घोषणा पत्र जारी करेगा।
महागठबंधन ने मारी बाजी, ‘तेजस्वी प्रण’ के जरिए किया बड़ा वादा
महागठबंधन ने एनडीए से पहले घोषणा पत्र जारी करते हुए राजनीतिक बढ़त हासिल की है।
‘तेजस्वी प्रण’ में कई बड़े वादे किए गए हैं —
- सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का अधिनियम पारित किया जाएगा।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू किया जाएगा।
- माई-बहन मान योजना के तहत महिलाओं को 1 दिसंबर से ₹2,500 मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि “यह सिर्फ वादा नहीं, बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का प्रण है।”
एनडीए भी मैदान में, 30 अक्टूबर को हो सकता है घोषणापत्र जारी
एनडीए की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन
बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम की ओर से संकेत मिले हैं कि
30 अक्टूबर को पटना में एनडीए का घोषणा पत्र जारी किया जाएगा।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा —
“एनडीए में घोषणापत्र की तैयारी चल रही है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी सहयोगी दलों से सुझाव मांगे हैं।
जल्द ही हम लोग घोषणा पत्र जारी करेंगे।”
सहयोगी दलों से भी सुझाव
सूत्रों के मुताबिक,
एनडीए में चिराग पासवान (लोजपा-रामविलास), उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा)
और जीतनराम मांझी (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) से घोषणापत्र में शामिल मुद्दों पर सुझाव लिए गए हैं।
जेडीयू नेताओं का कहना है कि पार्टी अलग से कोई घोषणापत्र जारी नहीं करेगी,
बल्कि एनडीए के साझा घोषणा पत्र को ही आधार बनाया जाएगा।
बिहार चुनाव की तारीखें
- पहला चरण मतदान: 6 नवंबर (121 सीटें)
- दूसरा चरण मतदान: 11 नवंबर (122 सीटें)
- मतगणना: 14 नवंबर
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए दोनों चरणों में मतदान होगा।


