राज्य सरकार प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का संचालन शुरू करने जा रही है। इसके लिए पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जिलों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना के तहत बनने वाले इन छात्रावासों में दूसरे जिलों और राज्यों से आकर सरकारी एवं गैर-सरकारी सेवाओं में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ आवास की सुविधा मिलेगी।
50 बेड की होगी क्षमता, किराया नहीं देना होगा
छात्रावास में रहने वाली महिलाओं की अधिकतम मासिक आय 75 हजार रुपये निर्धारित की गई है। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 50 बेड की होगी। इनका संचालन ‘अपना घर’ की तर्ज पर महिला विकास निगम द्वारा किया जाएगा, ताकि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, छात्रावास में रहने के लिए महिलाओं को कोई किराया नहीं देना होगा। केवल भोजन के लिए 3 हजार रुपये प्रति माह शुल्क तय किया गया है। छात्रावास में बेड, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे बिजली, आरओ से शुद्ध पेयजल, टीवी, मुफ्त वाई-फाई सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ऑनलाइन आवेदन के बाद होगा चयन
इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। छात्रावास पूरी तरह तैयार होने के बाद अगले माह से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आवासन की सुविधा पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी, जिसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम चयन होगा।
आवेदन के लिए कार्यरत जिले से संबंधित प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का विवरण तथा दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा।
प्रशासनिक तैयारी पूरी, जल्द शुरू होगा संचालन
कामकाजी महिला छात्रावास के संचालन को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। छात्रावास की अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया और अन्य आवश्यक कर्मियों का चयन हो चुका है। सभी संसाधनों की व्यवस्था पूरी होते ही अगले माह से छात्रावास का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
नारी सुरक्षा योजना को मिलेगी मजबूती
यह पहल मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना को जमीनी स्तर पर मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने बताया कि पटना में गोला रोड स्थित छात्रावास का संचालन किया जाएगा। इच्छुक महिलाएं जनवरी माह से आवेदन कर सकेंगी। छात्रावास को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है, ताकि कामकाजी महिलाओं को घर जैसा माहौल मिल सके।


