इन छात्रों पर मेहरबान हुई सरकार, मिलेंगे 25,000 रुपए; पढ़े पूरी रिपोर्ट

देश में छात्र एवं छात्राओं को शिक्षा के लिए मदद करने के लिए कई प्रकार की स्कॅालरशिप संचालित हैं. केन्द्र सरकार ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार भी अपने-अपने प्रदेश के स्टूडेंट्स को फाइनेंशियली मदद करती है. आपको बता दें कि गुजरात सरकार भी अपने राज्य के 9 से 12 क्लास तक के बच्चों को स्कॅालरशिप के रूप में 25,000 रुपए की आर्थिक साहयता करती है. हालांकि ये साहयता पाने के लिए संबंधित स्टूडेंट्स को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती है. क्योंकि सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए ही ये स्कीम शुरू की थी. ताकि कोई भी बच्चा पैसों की वजह से बिना पढ़ा न रहे..

 ज्ञान साधना स्‍कॉलरशिप

आपको बता दें कि गुजरात सरकार नवीन सत्र से  ज्ञान साधना स्‍कॉलरशिप शुरू करने जा रही है. जिसके तहत बच्चों को 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी.. सरकारी जानकारी के मुताबिक ज्ञान साधना स्‍कॉलरशिप के तहत   9 और 10 क्‍लास के छात्रों के लिए 20 हजार रुपये सालाना, जबकि 11 और 12 क्‍लास के स्‍टूडेंट के लिए 25 हजार सालाना आर्थिक मदद की जाएगी. ताकि पैसा किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने.. हालांकि इसके लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता भी निर्धारित की है. जिसे पूरा करने के बाद ही स्टूडेंट्स स्कॅालरशिप पाने का हकदार होगा.

ये रहेगी पात्रता 

जानकारी के मुताबिक, गुजरात सरकार ने इसके लिए कुछ जरूरी मानक निर्धारित किए हैं. जैसे आवेदक गुजरात का  निवासी होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से पिछड़ा भी हो. जैसे सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के परिवार के लिए  1.2 लाख रुपये और शहरी क्षेत्र में परिवार की सालाना इनकम 1.5 लाख रुपये होनी चाहिए. साथ ही पात्र स्टूडेंट्स को एक परीक्षा भी पास करना जरूरी होगा. जो बच्चे ये परीक्षा पास कर लेंगे उन्हें संबंधित खाते में आर्थिक मदद भेज दी जाएगी.  फेल हुए बच्चे नए सत्र में फिर से भी आवेदन कर सकते हैं.

ये स्टूडेंट्स कर सकते हैं आवेदन 

जिन बच्चों ने इसी सत्र में 8वीं की कक्षा पास की है. ऐसे आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चे  ज्ञान साधना स्‍कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए आपके पास आधार कार्ड, पेन कार्ड, आय प्रमाणपत्र के अलावा 8वीं पास की मार्कशीट होना अनिवार्य होगा. आपको बता दें कि ये स्कॅालरशिप राज्य मे प्रतिवर्ष निकाला जाता है. पात्र स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद बच्चों को शॅाटलिस्ट किया जाता है इसके बाद परीक्षा आयोजित की जाती है. जो बच्चे परीक्षा में पास हो जाते हैं. उन्हें  ज्ञान साधना स्‍कॉलरशिप दी जाती है.

  • ये भी पढ़े..

    CJP का सरकार को अल्टीमेटम: “मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा”

    Share Add as a preferred…

    AAP, RJD, SP और JMM सांसदों का अस्पताल गेट पर धरना; सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोका, जमकर हुआ विरोध

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *