
पीरपैंती (भागलपुर) | 10 मार्च, 2026: भागलपुर जिले के पीरपैंती अंतर्गत एकचारी दियारा में अपराधियों के दुस्साहस ने एक बार फिर इलाके को दहला दिया है। रविवार की रात जब पूरा इलाका सो रहा था, तब बदमाशों ने गंगा पार दियारा में खेत पटवन और बोरिंग की रखवाली कर रहे 36 वर्षीय बबलू मंडल की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने युवक को इतनी करीब से गोली मारी कि उसका सीना और चेहरा छलनी हो गया। सोमवार सुबह इस वारदात की खबर मिलते ही टपूआ दियारा घाट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
वारदात का विवरण: रात के अंधेरे में ‘खूनी खेल’
घटना एकचारी दियारा थाना क्षेत्र की है। परिजनों के अनुसार, बबलू मंडल रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अपने खेत में पटवन के लिए गया था।
- आखिरी मुलाकात: शाम 4 बजे तक उसका बड़ा भाई बुल्ली मंडल और भतीजा अजय उसके साथ थे। पटवन खत्म होने के बाद भाई और भतीजा घर लौट आए, लेकिन बबलू मशीन और बोरिंग की रखवाली के लिए वहीं रुक गया।
- शव की बरामदगी: सोमवार सुबह जब भतीजा अजय खाना लेकर दियारा पहुँचा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बबलू बोरिंग के पास मृत पड़ा था और उसके शव को एक चादर से ढका गया था।
- क्रूरता की हद: अपराधियों ने बबलू को तीन गोलियां मारी थीं—एक सीने में, एक दाईं बांह में और एक बाएं गाल पर।
पुलिसिया कार्रवाई: ज़मीन विवाद की आशंका
सूचना मिलते ही एसडीपीओ कहलगांव-2 पंकज कुमार और एकचारी दियारा थानाध्यक्ष पुलिस बल एवं एफएसएल (FSL) की टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
- बरामदगी: पुलिस ने घटनास्थल से एक कारतूस और गोली का एक पिलेट बरामद किया है।
- जांच के बिंदु: थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों ने किसी से भी सीधे विवाद की बात से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच की सुई जमीन विवाद की ओर घूम रही है।
- पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: तीन मासूमों के सिर से उठा साया
बबलू मंडल अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। वह तीन-चार बीघा जमीन ‘बांटी’ (बटाई) पर लेकर खेती करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।
- बिलखते बच्चे: बबलू के पीछे उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे—बड़ी बेटी आशु, रिंका और बेटा देबू—छूट गए हैं।
- नम आंखें: नन्हें बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल देख मौके पर मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम थीं। गांव वालों का कहना है कि बबलू बेहद सीधा-साधा व्यक्ति था और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
VOB का नजरिया: दियारा में ‘डॉन’ और ‘डर’ का पुराना साया!
भागलपुर के दियारा इलाकों में खेत की रखवाली के दौरान हत्या की घटनाएं नई नहीं हैं। जमीन पर कब्जा और वर्चस्व की लड़ाई में अक्सर सीधे-साधे किसानों की जान जाती है। इस वारदात में शव को चादर से ढका जाना यह संकेत देता है कि अपराधी शायद कोई परिचित था या फिर उसने काफी इत्मीनान से इस हत्या को अंजाम दिया। सवाल पुलिस की गश्त पर भी है—क्या दियारा के किसान रात में अपने ही खेतों में सुरक्षित नहीं हैं?


