HIGHLIGHTS: राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ा सियासी तापमान
- बड़ा चैलेंज: जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को ललकारा— “विधायक फैसल रहमान को पार्टी से निकाल कर दिखाएं, नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी छिन जाएगी।”
- भीतरघात: राजद विधायक फैसल रहमान ने राज्यसभा चुनाव 2026 में नहीं डाला था वोट; पार्टी में ‘सेंधमारी’ की अटकलें तेज।
- उत्तराधिकारी: ‘समृद्धि यात्रा’ में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की बढ़ती नजदीकी; क्या डिप्टी सीएम ही होंगे अगले ‘सुल्तान’?
- कोर्ट का चक्कर: ढाका विधायक फैसल रहमान की 178 वोटों वाली जीत पर हाईकोर्ट में तलवार लटकी; फर्जी वोटिंग का आरोप।
पटना | 18 मार्च, 2026
बिहार में राज्यसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं, लेकिन इसकी ‘तपिश’ ने पटना के सियासी गलियारों को दहला दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली (राज्यसभा) जाने के ऐलान के बाद अब सवाल केवल ‘अगला सीएम कौन’ का नहीं है, बल्कि विपक्षी खेमे में लगी ‘सेंध’ का भी है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने राजद के ‘गढ़’ में सीधा हमला बोलकर नई बहस छेड़ दी है।
तेजस्वी को ‘कुर्सी’ का डर? नीरज कुमार का वार
नीरज कुमार ने राजद सुप्रीमो के छोटे बेटे तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनके विधायक फैसल रहमान ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर वोट नहीं किया।
”हिम्मत है तो तेजस्वी उन्हें निकालें। अगर फैसल रहमान को निकाला, तो संख्या बल कम होते ही तेजस्वी की ‘नेता प्रतिपक्ष’ वाली कुर्सी चली जाएगी। यह मेरा चैलेंज है।”
📊 विधायक फैसल रहमान: विवादों का ‘फाइल’ रिकॉर्ड
- क्षेत्र: ढाका (पूर्वी चंपारण)।
- जीत का अंतर: महज 178 वोट (विधानसभा 2025)।
- कानूनी स्थिति: भाजपा उम्मीदवार ने जीत को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
- गंभीर आरोप: चुनाव के दौरान फर्जी वोट डलवाने का मामला लंबित।
- हालिया बगावत: राज्यसभा चुनाव 2026 की वोटिंग से नदारद रहे।
क्या सम्राट चौधरी ही होंगे अगले मुख्यमंत्री?
’समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बॉडी लैंग्वेज बहुत कुछ कह रहा है।
- स्नेह और संकेत: यात्रा में नीतीश कुमार अक्सर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते और उन्हें जनता के बीच आगे बढ़ाते दिख रहे हैं।
- आशीर्वाद: नीरज कुमार ने माना कि नीतीश कुमार का स्नेह सम्राट चौधरी के प्रति साफ दिख रहा है, जिसे राजनीतिक हलकों में ‘आशीर्वाद’ माना जा रहा है।
- जदयू में टूट? नीरज कुमार ने इन खबरों को बकवास बताया। उन्होंने दोटूक कहा कि “नीतीश हैं तो टूट का खतरा नहीं।”
VOB का नजरिया: क्या ‘कंधे’ पर हाथ, मतलब गद्दी पर साथ?
नीतीश कुमार अपनी ‘इशारों की राजनीति’ के लिए मशहूर हैं। कभी उन्होंने तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाया था, और आज सम्राट चौधरी के कंधे पर उनका हाथ है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि नीरज कुमार का चैलेंज केवल एक बयान नहीं, बल्कि राजद के भीतर मची छटपटाहट का फायदा उठाने की रणनीति है। अगर फैसल रहमान जैसे विधायक बगावत पर उतरते हैं, तो तेजस्वी यादव के लिए अपनी ‘संवैधानिक कुर्सी’ बचाना मुश्किल हो सकता है। वहीं, सम्राट चौधरी का सीएम फेस के रूप में उभरना बिहार एनडीए में ‘पावर शिफ्ट’ का सबसे बड़ा संकेत है।


