रोहतास में ‘गजराज’ का तांडव: सोन तट पर 6 मवेशियों को उतारा मौत के घाट, फसलें बर्बाद; खौफ के साये में रातभर जाग रहे ग्रामीण

रोहतास | 26 फरवरी, 2026: रोहतास जिले के सोन तटीय इलाकों में पिछले चार दिनों से एक जंगली हाथी ने भारी तबाही मचा रखी है। हाथी के हिंसक व्यवहार ने न केवल फसलों और घरों को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि आधा दर्जन बेगुनाह मवेशियों की जान भी ले ली है। रोहतास नगर पंचायत के ग्रामीण इस समय दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

बुधवार की ‘काली रात’: मवेशियों पर काल बनकर टूटा हाथी

​बीती बुधवार की रात हाथी ने कुशडिहरा सोन डीला इलाके में जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति हुई है:

  • अनिल यादव: दो भैंसें और एक पाड़ा (भैंस का बच्चा) मारा गया।
  • शिवपूजन चौधरी: एक बछड़े की मौत।
  • सुनील चौधरी: एक गाय की मौत।
  • अनिल चौधरी: एक गाय की मौत।

​पशुओं की मौत के अलावा, हाथी ने कई बोरिंग सेट, झोपड़ियां और चापाकल (Handpumps) भी तोड़ दिए हैं। खेतों में खड़ी तैयार फसलों को रौंदकर किसानों की कमर तोड़ दी है।

ग्रामीणों की ‘रतजगा’ जंग: मशाल और पटाखों का सहारा

​प्रशासन की मदद पहुँचने तक ग्रामीणों ने खुद की सुरक्षा के लिए मोर्चा संभाल लिया है।

  1. पहारा: सोन नदी के किनारे बसे गाँवों में लोग रात-रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं।
  2. जुगाड़: ग्रामीण मशालों और पटाखों के शोर के सहारे हाथी को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
  3. मांग: पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल सुरक्षा और उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।

वन विभाग का पक्ष: झारखंड से भटककर आया है हाथी

​सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई है, लेकिन हाथी के लगातार स्थान बदलने के कारण उसे काबू करने में परेशानी हो रही है। जिला वन पदाधिकारी (DFO) स्टालिन फिडल कुमार ने बताया:

“बिहार हाथियों का प्राकृतिक निवास स्थान नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह हाथी झारखंड के जंगलों से भटककर यहाँ आ गया है। उसे सुरक्षित तरीके से वापस भेजने के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। नुकसान का आकलन कर जल्द ही मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”

 

औरंगाबाद कनेक्शन: क्या यह वही हाथी है?

​हाल ही में पड़ोसी जिले औरंगाबाद में भी एक जंगली हाथी का उत्पात देखा गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद झारखंड की ओर खदेड़ा गया था। वन विभाग को आशंका है कि संभवतः वही हाथी सोन नदी पार कर दोबारा रोहतास के इस इलाके में लौट आया है।

VOB का नजरिया: इंसान और वन्यजीव संघर्ष का बढ़ता खतरा

​रोहतास के सोन तटीय इलाकों में हाथी का आना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि वन्यजीवों के घटते गलियारों (Corridors) का परिणाम है। 6 मवेशियों की मौत उन गरीब किसानों के लिए बड़ी त्रासदी है जिनके लिए पशु ही उनकी जमा-पूंजी थे। वन विभाग को चाहिए कि वे केवल ‘निगरानी’ न करें, बल्कि जल्द से जल्द हाथी को सुरक्षित जंगल में पहुँचाएँ ताकि किसी इंसान की जान न जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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