
HIGHLIGHTS:
- भीषण हमला: अमेरिकी तेल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ (SafeSea Vishnu) पर मिसाइल अटैक; भागलपुर के इंजीनियर की जान गई।
- शहादत: ब्रावो शिपिंग कंपनी में एडिशनल चीफ इंजीनियर थे देवनंदन प्रसाद सिंह।
- रूट: इराक के बसरा से सिंगापुर जा रहा था जहाज; बीच समंदर में हुआ हमला।
- बड़ा खुलासा: ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद भड़का है भीषण युद्ध; वैश्विक तेल संकट गहराया।
जंग का मैदान बना समंदर: ड्यूटी पर तैनात थे देवनंदन, मिसाइल ने छीनी जिंदगी
भागलपुर: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में भड़की युद्ध की भीषण आग अब भागलपुर के घरों के चिराग बुझा रही है। कहलगांव प्रखंड के रानिबिमिया गांव के रहने वाले होनहार मैरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की एक मिसाइल हमले में मौत हो गई है। देवनंदन अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी ‘ब्रावो शिपिंग’ के तेल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे। बुधवार की रात जब जहाज इराक के बसरा पोर्ट से सिंगापुर की ओर बढ़ रहा था, तभी वह मिसाइल हमले का शिकार हो गया।
आखरी बातचीत: “मैं समंदर में हूं, ड्यूटी पर हूं…”
परिजनों ने रोते हुए बताया कि घटना से कुछ ही देर पहले देवनंदन की घर पर बात हुई थी। उन्होंने बड़े ही सहज लहजे में कहा था कि वह फिलहाल ड्यूटी पर हैं और समंदर के बीच में हैं, इसलिए ज्यादा लंबी बात नहीं कर पाएंगे। किसे पता था कि यह आवाज आखिरी बार सुनाई दे रही है। गुरुवार को कंपनी ने आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद कहलगांव के रानिबिमिया गांव में कोहराम मच गया।
[ग्लोबल विजन: क्यों भड़का है यह महायुद्ध?]
यह हमला केवल एक जहाज पर हमला नहीं है, बल्कि दुनिया के दो पावर ब्लॉक्स के बीच छिड़ी सीधी जंग का नतीजा है:
- हत्या और प्रतिशोध: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिजनों की हत्या के बाद ईरान ने ‘आर-पार’ की जंग छेड़ दी है।
- ट्रंप पर दबाव: अंतरराष्ट्रीय जानकारों का दावा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप घरेलू विवादों (एपस्टीन फाइल) से ध्यान भटकाने के लिए युद्ध में कूदे, लेकिन ईरान के पलटवार ने उनके लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।
- आर्थिक असर: इस युद्ध की वजह से भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के आयात पर संकट मंडराने लगा है।


