पहला नवरात्र आज दिल्ली में सज गए माता के दरबार, फिर भी मायूस हैं दुकानदार

नवरात्र के मद्देनजर राजधानी के सभी प्रसिद्ध मंदिरों में आदिशक्ति मां दुर्गा का भव्य दरबार सज गया है। शनिवार यानी आज घट स्थापना के साथ मां की आराधना शुरू हो जाएगी। पूजा-अर्चना को दौरान भक्तों को कोरोना से बचाव के लिए सभी नियमों का पालन करना होगा। माता रानी के दर्शन करने के लिए मास्क लगाना, हाथों को सैनिटाइज करना, साथ में भी सैनिटाइजर ले जाना, सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। श्रद्घालुओं की सुविधा के लिए मंदिरों में भी बचाव के इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, श्रद्घालुओं को खाली हाथ ही माता रानी के दर्शन करने होंगे।

 झंडेवालान मंदिर : आधा किलोमीटर लंबी बनाई गई बैरिकेडिंग
झांसी वाली रानी मार्ग पर स्थित झंडेवालान मंदिर के मुख्य द्वार से लगभग आधा किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग लगाई गई है। माता रानी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को इसी बैरिकेडिंग के अंदर लाइन से खड़ा कराया जाएगा। बैरिकेडिंग के अंदर दो फुट की दूरी पर निशान लगाए गए हैं। मुख्य द्वार से केवल एक ही व्यक्ति को ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को हैंडल या कोई भी वस्तु छूने की मनाही है। वहां तैनात सेवा दल के लोग प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे। यदि किसी ने भूलकर कहीं हाथ लगाया है तो सेवादल के लोग तुरंत उस जगह को सैनिटाइज करेंगे। मंदिर के अंदर खाली हाथ जाने की अनुमति दी गई है। 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को मंदिर में दर्शन करने की मनाही रहेगी।

आद्या कात्यायनी मां के दरबार में मिलेगी सहूलियत
श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ छतरपुर मंदिर में नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ सुबह 10 बजे ध्वजारोहण समारोह से किया जाएगा। इस दौरान विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक रीति के अनुसार सीमा का सहस्त्र चंडी पाठ किया जाएगा। यज्ञ और भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी होगा। इसके बाद श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ शुरू होगा। मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर कुमार चावला ने कहा कि मंदिर में सामाजिक दूरी का पूरा पालन कराया जाएगा। इसके लिए दो फुट की दूरी पर निशान लगाए गए हैं। लोगों का मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा। मंदिर परिसर में हैंड वॉश व सैनिटाइजर मशीनें लगाई गई हैं। थर्मल स्कैनिंग भी की जाएगी। मंदिर में केवल खाली हाथ दर्शन करने की छूट मिलेगी।

कालकाजी के भी कर सकेंगे दर्शन
शुक्रवार को निर्णय लिया गया कि कालकाजी मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। स्थानीय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दिल्ली पुलिस, मंदिर प्रशासन, स्थानीय विधायक सौरभ भारद्वाज और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने बैठक कर यह निर्णय लिया। यहां पर कोविड-19 नियमों का पूरी तरह से पालन कराते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन करने दिया जाएगा।

दुकानदारों की नहीं हो रही है बिक्री
झंडेवालान मंदिर के सामने पूजा सामग्री बेचने वाली दुकानें लॉकडाउन होने के पहले दिन से बंद थीं। कई महीनों तक बंद रहने के बाद मंदिर खुले तो दुकानें भी खुल गईं, लेकिन मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को कुछ भी अर्पित करने की अनुमति नहीं है, जिस कारण इन दुकानदारों की बिक्री नहीं हो रही है। कुछ दुकानदारों ने अपनी व्यथा सुनाई।

– हमने दुकान तो एक महीने पहले खोल दी थी, लेकिन बिक्री न के बराबर है। शनिवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। मंदिर में कुछ भी अर्पित करने पर रोक है। इसलिए कुछ सामान नहीं बिक रहा है।
संतोष श्रीवास, दुकानदार

– हमारी दुकान में पीतल और कांसे से बनी मूर्तियां और पूजा-अर्चना का सामान मिलता है। लॉकडाउन से पहले जो माल मंगाया था वह रखे-रखे ही काला पड़ गया है, जिसकी वजह से नुकसान भी हो गया। अब दुकान खुली है तो बिक्री नहीं हो रही है।
गोपालजी, दुकानदार

 

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