HIGHLIGHTS: बैजानी से बिहार की नई सियासत का ‘ट्रेलर’
- विरासत का वादा: राज्यसभा जाने से पहले सीएम नीतीश के ‘विजन’ पर मुहर; नई सरकार भी उनके विकास कार्यों को बढ़ाएगी आगे।
- इशारों की राजनीति: नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के फैसले पर विजय चौधरी ने पहली बार तोड़ी चुप्पी।
- स्मूथ ट्रांजिशन: जल संसाधन मंत्री ने भरोसा दिया कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद वर्तमान योजनाएं (7-निश्चय) नहीं रुकेंगी।
- यात्रा का असर: ‘समृद्धि यात्रा’ में घोषित हर काम की बारीकी से मॉनिटरिंग जारी रहेगी।
भागलपुर/बैजानी | 18 मार्च, 2026
बिहार की राजनीति में एक बड़े युग का अंत होने जा रहा है, लेकिन क्या उसकी नीतियां भी बदल जाएंगी? इस सवाल का जवाब आज जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भागलपुर के बैजानी में दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा निर्वाचित होने और मुख्यमंत्री पद खाली करने के फैसले के बीच चौधरी का यह बयान ‘पॉलिटिकल स्टेबिलिटी’ (राजनीतिक स्थिरता) का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
“हुकूमत नई, नीति नीतीश की”: विजय चौधरी का संकल्प
बैजानी की सभा में विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि आने वाली एनडीए सरकार का ब्लूप्रिंट क्या होगा:
- नीतीश का रास्ता: उन्होंने कहा कि बिहार की अगली हुकूमत नीतीश कुमार द्वारा दिखाए गए विकास के रास्ते पर ही चलेगी।
- कामकाज में निरंतरता: पद बदलने से सरकार का कामकाज नहीं बदलेगा। वर्तमान में चल रही ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान जो भी काम घोषित हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
- जनता का भरोसा: मंत्री ने इशारों में समझा दिया कि भले ही नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति (राज्यसभा) की ओर रुख कर रहे हों, लेकिन बिहार में उनकी योजनाओं का ‘रिमोट’ सक्रिय रहेगा।


