बिहार की राजधानी पटना अब तेजी से स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ रही है। पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 2914 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें आधुनिक तकनीक के जरिए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलने की योजना है।
इस बजट की सबसे खास बात यह है कि इसमें पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। अब पटना में सड़क पार करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित होने वाला है।
बटन दबाते ही रुकेगा ट्रैफिक: क्या है ‘डिमांड लाइट सिस्टम’?
पटना नगर निगम ने ‘डिमांड लाइट सिस्टम’ लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इस सिस्टम के तहत:
पैदल यात्री सड़क पार करने के लिए एक बटन दबाएंगे
बटन दबाते ही ट्रैफिक सिग्नल लाल हो जाएगा
वाहन रुक जाएंगे और लोग सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकेंगे
जाम की स्थिति से बचने के लिए इस सिस्टम में लगभग 20 मिनट का अंतराल (गैप) रखा जाएगा, ताकि ट्रैफिक फ्लो प्रभावित न हो।
शहर में लगेंगी IoT आधारित स्मार्ट स्ट्रीट लाइट
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के अनुसार, शहर की स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था को भी पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। पुराने लाइट सिस्टम की जगह अब IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित स्मार्ट लाइटें लगाई जाएंगी।
इनकी खासियतें:
शाम होते ही ऑटोमैटिक ऑन
सुबह होते ही ऑटोमैटिक ऑफ
खराबी होने पर तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को अलर्ट
अभी पटना में करीब 82 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं, लेकिन नई कॉलोनियों और सड़कों को भी इस स्मार्ट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल से होगी निगरानी
सभी स्मार्ट लाइट और ट्रैफिक सिस्टम की निगरानी एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर से की जाएगी। इससे शहर की बिजली, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को रियल टाइम में मॉनिटर किया जा सकेगा।
शहर के प्रवेश द्वार भी होंगे भव्य
बजट में पटना के सात प्रमुख प्रवेश मार्गों पर आकर्षक और आधुनिक गेट बनाने की भी योजना शामिल है। इससे शहर की पहचान और सौंदर्य दोनों को नया रूप मिलेगा।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
सड़क पार करना होगा आसान और सुरक्षित
ट्रैफिक सिस्टम होगा ज्यादा व्यवस्थित
बिजली की खपत में होगी कमी
शहर बनेगा स्मार्ट और मॉडर्न
पटना बन रहा ‘स्मार्ट सिटी’ की ओर मजबूत कदम
यह बजट साफ संकेत देता है कि पटना अब पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर तकनीक आधारित शहर बनने की राह पर है। खासकर पैदल यात्रियों के लिए ‘डिमांड लाइट सिस्टम’ एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
आने वाले समय में अगर ये योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो पटना की ट्रैफिक और शहरी व्यवस्था देश के बड़े शहरों को टक्कर दे सकती है।


