भागलपुर। किसानों से जुड़ी सरकारी योजनाओं को समय पर और पारदर्शी तरीके से लागू करने के उद्देश्य से चल रहे ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन (एफआर) अभियान का जिलाधिकारी ने बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने सबौर प्रखंड के राजंदीपुर और फड़का पंचायत, साथ ही सन्हौला प्रखंड के तरार पंचायत सहित कई कार्य स्थलों का भ्रमण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत कर ई-केवाईसी और एफआर कार्य की प्रगति के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए और कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार के सभी प्रखंडों और पंचायतों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी और कृषि समन्वयक द्वारा प्रत्येक किसान का ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी और एफआर पीएम-किसान सम्मान निधि सहित अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य है। ई-केवाईसी में आधार प्रमाणीकरण के जरिए किसान की पहचान सत्यापित की जाती है। यह प्रक्रिया अब मोबाइल ऐप या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन या ओटीपी के जरिए घर बैठे भी पूरी की जा सकती है।
वहीं, फार्मर रजिस्ट्रेशन (एफआर) के तहत आधार, मोबाइल नंबर और भूमि रिकॉर्ड को जोड़कर एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाता है। इससे किसानों से जुड़ी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता आती है और लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचता है।
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे समय रहते अपना ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।


