पटना/बख्तियारपुर | गंगा नदी पर बन रहे बख्तियारपुर (करजान) – ताजपुर (समस्तीपुर) फोरलेन पुल का सपना अब हकीकत के करीब है। मंगलवार (10 फरवरी 2026) को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम में और तेजी लाई जाए।
1. 46 में से 45 पिलर तैयार, बस एक बाकी
समीक्षा बैठक में जो रिपोर्ट पेश की गई, वो राहत देने वाली है। पुल का जमीनी काम लगभग पूरा हो चुका है।
- फाउंडेशन: पुल के कुल 46 में से 45 पिलर (Foundation & Substructure) का काम पूरा हो गया है। सिर्फ एक पिलर (नंबर 23) का काम बचा है, जिस पर 5वीं लिफ्ट का काम चल रहा है।
- सेगमेंट: कास्टिंग यार्ड में कुल 1,170 में से 650 सेगमेंट बनकर तैयार हैं।
- इरेक्शन: क्रेन की मदद से 127 सेगमेंट जोड़े जा चुके हैं, जो लक्ष्य का 100% है। वहीं, लॉन्चिंग गैन्ट्री से 197 सेगमेंट लगाए गए हैं।
2. सचिव का आदेश: मशीनें और मैनपावर बढ़ाएं
सचिव पंकज कुमार पाल ने प्रोजेक्ट की स्पीड को ‘संतोषजनक’ तो बताया, लेकिन सुस्त पड़ने की चेतावनी भी दी।
- निर्देश: उन्होंने संवेदक (Contractor) को साफ कहा कि कास्टिंग और इरेक्शन के काम में और अधिक संसाधन (Resources) लगाएं। क्वालिटी से समझौता किए बिना तय समय-सीमा में पुल जनता को समर्पित करना है।
3. गांधी सेतु का बोझ होगा हल्का
यह पुल बिहार के लिए लाइफलाइन साबित होगा।
- रूट: यह NH-31 (बख्तियारपुर के पास करजान) को NH-28/122 (ताजपुर, समस्तीपुर) से जोड़ेगा।
- लंबाई: कुल प्रोजेक्ट 51.26 किलोमीटर लंबा है। इसमें गंगा नदी पर मुख्य पुल 5.51 किमी और एप्रोच रोड 45.75 किमी है।
- फायदा: इस पुल के बनने से पटना के महात्मा गांधी सेतु और मोकामा पुल पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और उत्तर बिहार जाना आसान हो जाएगा।


