जमुई से ‘विकसित बिहार’ का मास्टर प्लान! नीतीश ने फूंका ‘सात निश्चय-3’ का बिगुल; 5 साल में 1 करोड़ नौकरी और ‘Ease of Living’ पर महा-ऐलान

HIGHLIGHTS: लछुआड़ की धरती से ‘समृद्धि’ का शंखनाद

  • ऐतिहासिक सौगात: जमुई जिले को ₹914 करोड़ की 370 योजनाओं का उपहार; कुंडघाट जलाशय का हुआ उद्घाटन।
  • मिशन 1 करोड़: अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य; 50 लाख का लक्ष्य पहले ही पूरा।
  • सात निश्चय-3: “दोगुनी आय, दोगुना रोजगार” के साथ ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) बना सरकार का मुख्य मंत्र।
  • पेंशन में बड़ा इजाफा: वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवाओं की पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 की गई; 1.14 करोड़ लोगों को सीधा लाभ।

विकास का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: एक नजर में

  • कुल निवेश (जमुई): ₹914 करोड़ की लागत से कुल 370 योजनाएं।
  • उद्घाटन: ₹602 करोड़ की 181 योजनाएं (जैसे कुंडघाट जलाशय- ₹270 करोड़)।
  • शिलान्यास: ₹312 करोड़ की 189 नई योजनाएं।
  • रोजगार सहायता: 94 लाख गरीब परिवारों को स्वरोजगार के लिए ₹2-2 लाख की मदद शुरू; 83 लाख को मिल चुकी है राशि।
  • महिला सशक्तिकरण: जीविका समूहों को ₹114 करोड़ का बैंक ऋण और ₹29 करोड़ की निवेश निधि का वितरण।

जमुई (लछुआड़) | 18 मार्च, 2026

​बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ आज जमुई के लछुआड़ पहुंची, जहाँ उन्होंने न केवल विकास की समीक्षा की, बल्कि ‘सात निश्चय-3’ (2025-2030) के जरिए विकसित बिहार का ब्लू-प्रिंट पेश किया। उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में सीएम ने साफ कर दिया कि अब सरकार का ध्यान ‘ईज ऑफ लिविंग’ और युवाओं की ‘दोगुनी आय’ पर है।

सात निश्चय-3: विकसित बिहार के 7 स्तंभ

​मुख्यमंत्री ने जनसंवाद में अगले पांच वर्षों का पूरा रोडमैप साझा किया:

  1. दोगुना रोजगार-दोगुनी आय: प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य।
  2. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: महिलाओं को ₹10,000 की शुरुआती मदद और सफल होने पर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता।
  3. समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार: बंद चीनी मिलों को दोबारा शुरू करना और हर जिले में औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार।
  4. कृषि में प्रगति: ‘बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम’ की स्थापना और मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ाना।
  5. उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य: प्रत्येक प्रखंड में ‘आदर्श विद्यालय’ और नई ‘एजुकेशन सिटी’ का निर्माण।
  6. सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन: सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक की तैयारी और 5400 बेड का PMCH।
  7. सबका सम्मान-जीवन आसान: आधुनिक तकनीक के जरिए सरकारी सुविधाओं को लोगों के घर तक पहुंचाना।

जमुई के लिए ‘स्पेशल पैकेज’

​जमुई जिला अब केवल पहाड़ों और जंगलों के लिए नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जाएगा:

  • कुंडघाट जलाशय: बरसात का पानी संग्रहित कर अब किसानों के खेतों तक सिंचाई पहुंचेगी।
  • स्पोर्ट्स हब: सोनपे में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गिद्धौर में स्टेडियम का जीर्णोद्धार और खेलों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’।
  • कनेक्टिविटी: उलाई और नकटी नदी पर उच्च स्तरीय आरसीसी पुल और 5 नए एक्सप्रेस-वे में जमुई का जुड़ाव।

VOB का नजरिया: क्या ‘पेंशन और नौकरी’ बनेगा 2030 का गेमचेंजर?

​नीतीश कुमार का जमुई दौरा केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ‘पॉलिटिकल मास्टरस्ट्रोक’ है। 20 नवंबर 2025 को बनी नई सरकार ने जिस तेजी से सात निश्चय-3 को जमीन पर उतारा है, वह बताता है कि एनडीए सरकार ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ को विकास की लहर से काटना चाहती है। ₹400 की पेंशन को सीधे ₹1100 करना और 1 करोड़ नौकरियों का वादा, बिहार के ‘साइलेंट वोटर्स’ (महिलाएं और बुजुर्ग) को सीधा संदेश है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि जमुई में कुंडघाट जलाशय और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल पलायन रोकेंगे, बल्कि नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके में समृद्धि की नई इबारत लिखेंगे।

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