भागलपुर, भागलपुर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने मंगलवार को सबौर प्रखंड का भ्रमण कर प्रखंड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निष्पादन एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना रहा।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, कृषि, ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के कार्यों की विभागवार जानकारी ली गई। डीडीसी ने संबंधित पदाधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और लंबित मामलों के कारणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ आम जनता तक सुचारु रूप से पहुंचाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, टीकाकरण कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, पोषण अभियान तथा स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता पर विशेष चर्चा की गई। डीडीसी ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में विद्यालयों में नामांकन, छात्र उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता, मध्याह्न भोजन योजना के संचालन तथा विद्यालयों की आधारभूत संरचना की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
आईसीडीएस के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारु संचालन, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। वहीं कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान फसल उत्पादन, बीज एवं उर्वरक वितरण, किसान कल्याणकारी योजनाओं और कृषि से जुड़े अन्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली गई।
ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीडीसी ने सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। डीडीसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसे सभी अधिकारी पूरी गंभीरता से सुनिश्चित करें।


