भ्रष्ट DAO का ‘खजाना’ खुला, लॉकर से निकले करोड़ों के जेवर

19 हजार रिश्वत में पकड़ा गया, घर से 14 लाख कैश—अब बैंक लॉकर में सोना-हीरा

पटना/मुजफ्फरपुर।बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ निगरानी विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। 2 जनवरी को मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) सुधीर कुमार को 19 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था। अब इसी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है—विजिलेंस को उनके बैंक लॉकर से करोड़ों रुपये के सोना-हीरा जड़े आभूषण मिले हैं।


घर की तलाशी में कैश और निवेश के कागजात

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने सुधीर कुमार के पटना स्थित आवास की तलाशी ली। यहां से

  • 14 लाख रुपये नकद
  • निवेश से जुड़े कई दस्तावेज
  • बैंक पासबुक
    बरामद किए गए।

इसी दौरान जांच में यह भी सामने आया कि इंडियन बैंक, खजपुरा शाखा, पटना में अभियुक्त और उनकी पत्नी के नाम से लॉकर नंबर 537 संचालित है।


कोर्ट से रिमांड, फिर लॉकर खुला

निगरानी ने कोर्ट से अभियुक्त को रिमांड पर लिया। डीएसपी मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में तलाशी दल गठित किया गया।
30 जनवरी को बैंक लॉकर की तलाशी ली गई—और अंदर से जो निकला, उसने सबको चौंका दिया।


लॉकर से मिले 1.06 करोड़ के जेवर

तलाशी में

  • सोना-हीरा जड़े आभूषण
  • कुल अनुमानित कीमत: ₹1,06,60,097
    बरामद की गई।

विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, ये संपत्तियां अभियुक्त की घोषित आय से कहीं अधिक हैं, जिसकी अब विस्तृत जांच की जा रही है।


आगे क्या?

निगरानी विभाग अब

  • आय के ज्ञात स्रोत
  • निवेश के दस्तावेज
  • बैंक लेन-देन
    की गहन जांच कर रहा है। जल्द ही आय से अधिक संपत्ति के तहत अलग से मामला दर्ज होने की संभावना है।

निष्कर्ष:
19 हजार की रिश्वत में पकड़ा गया अधिकारी अब करोड़ों के ‘खजाने’ के साथ बेनकाब हो चुका है। यह कार्रवाई साफ संकेत है—भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस।

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