210 मीट्रिक टन वजनी विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के सामने डुमरिया पुल बना बड़ी चुनौती – विशेषज्ञ टीम कर रही भार वहन क्षमता की जांच

गोपालगंज। पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने जा रहे दुनिया के सबसे बड़े सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की यात्रा अब एक अहम तकनीकी चुनौती के दौर से गुजर रही है। एनएच-27 पर स्थित डुमरिया पुल की जर्जर हालत इस ऐतिहासिक शिवलिंग को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में बड़ी बाधा बन गई है।

करीब 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग को ले जा रहा विशाल ट्रेलर इस पुराने पुल से गुजर सकता है या नहीं—इसी सवाल पर जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के बीच मंथन जारी है।


डुमरिया पुल पार कराना जोखिम भरा

डुमरिया पुल पिछले कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है। भारी वाहनों के लगातार परिचालन से इसकी संरचनात्मक मजबूती कमजोर हो चुकी है। ऐसे में सैकड़ों टन वजन वाले ट्रेलर को इस पुल से गुजारना बड़े हादसे का कारण बन सकता है

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम को मौके पर बुलाया है।


केंद्र और NHAI के विशेषज्ञ मौके पर

जांच टीम में

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
    के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।

यह टीम पुल के

  • पाया (Foundation)
  • गर्डर (Girder)
  • भार वहन क्षमता
    की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही उन हिस्सों की पहचान की जा रही है, जो सबसे अधिक कमजोर हैं।

वैकल्पिक रास्ते और अस्थायी मजबूती पर मंथन

यदि विशेषज्ञों की रिपोर्ट में पुल को असुरक्षित बताया जाता है, तो प्रशासन के पास तीन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है—

  1. लंबे वैकल्पिक मार्ग से शिवलिंग को ले जाना
  2. पुल के नीचे अतिरिक्त जैक और लोहे के गर्डर लगाकर अस्थायी मजबूती
  3. अत्यंत सावधानी के साथ धीमी गति में ट्रेलर को पार कराना

हालांकि इतने भारी वाहन के लिए हर सड़क उपयुक्त नहीं होने के कारण विकल्प सीमित हैं।


दो जिलों का संयुक्त प्रशासनिक समन्वय

इस पूरे अभियान में गोपालगंज और पूर्वी चंपारण दोनों जिलों का प्रशासन मिलकर काम कर रहा है। दोनों जिलों के जिलाधिकारी स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि यह ऐतिहासिक शिवलिंग बिना किसी क्षति के अपने गंतव्य तक पहुंच सके।


DM-SP ने किया मौके का निरीक्षण

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रविवार शाम

  • गोपालगंज डीएम पवन कुमार सिन्हा
  • एसपी अवधेश दीक्षित
    ने मौके पर पहुंचकर शिवलिंग और डुमरिया घाट पुल का जायजा लिया।

डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा—

“इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है। सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और वैकल्पिक व्यवस्था पर मंथन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पूरी अनुमति और तैयारी के बिना शिवलिंग को नारायणी नदी पार नहीं कराया जाएगा।”


श्रद्धालुओं को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि शिवलिंग के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए—

  • अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
  • ट्रैफिक डायवर्जन प्लान
  • भीड़ नियंत्रण व्यवस्था
    लागू की जा रही है।

52 साल पुराना है डुमरिया पुल

  • निर्माण शुरू: 1971
  • पूर्ण: 1974
  • पुल: दो लेन
  • स्थिति: अत्यधिक जर्जर

पुल के समानांतर फोरलेन नए पुल का निर्माण 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है।


33 फीट ऊंचा, 33 फीट लंबा शिवलिंग

  • निर्माण स्थल: महाबलीपुरम, तमिलनाडु
  • ऊंचाई: 33 फीट
  • लंबाई: 33 फीट
  • कुल यात्रा: 2178 किलोमीटर
  • समय: लगभग 30 दिन

शिवलिंग गोपालगंज पहुंच चुका है, जहां इसका भव्य स्वागत किया गया। अब इसे पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाना है।


 

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