पताही (पूर्वी चंपारण)।शराब माफियाओं पर कार्रवाई के दौरान अनुशासनहीनता दिखाना एक सिपाही को भारी पड़ गया। पताही थाना क्षेत्र में शराब के अड्डे पर छापेमारी करने चप्पल पहनकर पहुंचे सिपाही और आधी वर्दी में गए चौकीदार को एसपी स्वर्ण प्रभात ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले में पताही थानाध्यक्ष विनीत कुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस छापेमारी का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दिख रहा है कि एक सिपाही बिना वर्दी और चप्पल पहनकर छापेमारी कर रहा है, वहीं चौकीदार भी आधी वर्दी में मौजूद है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि और कार्रवाई की प्रभावशीलता दोनों ही वर्दी और अनुशासन पर टिकी होती है। इस तरह की लापरवाही न सिर्फ विभाग की छवि को धूमिल करती है, बल्कि अपराधियों को भी मौका देती है कि वे पुलिस को गंभीरता से न लें।
थानाध्यक्ष पर भी उठे सवाल
इस पूरी घटना को लेकर पताही थानाध्यक्ष विनीत कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। एसपी ने उनसे पूछा है कि छापेमारी जैसी गंभीर कार्रवाई के दौरान उनके अधीनस्थों ने वर्दी नियमों का पालन क्यों नहीं किया। स्पष्टीकरण मिलने के बाद थानाध्यक्ष पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
पुलिसिंग पर उठ रहे सवाल
पूर्वी चंपारण में शराबबंदी के बावजूद लगातार शराब की बरामदगी और धंधेबाजों की सक्रियता प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जब पुलिस खुद ही लापरवाही बरते, तो सरकार की शराबबंदी नीति पर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
एसपी का स्पष्ट संदेश – अनुशासन से समझौता नहीं
एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया है कि जिले में अनुशासनहीनता और लापरवाह कार्यशैली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि छापेमारी, गश्ती और अन्य कार्रवाई के दौरान पूरी वर्दी, जूते और पहचान चिह्नों के साथ ही पुलिस बल भेजा जाए।


