बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और पुलिस को लंबे समय से सबसे भ्रष्ट विभागों में गिना जाता रहा है। आम नागरिकों के बीच यह धारणा बन चुकी है कि बिना पैसा दिए कोई काम नहीं होता। नीतीश राज में भी लोग यह मानने लगे हैं कि अंचलाधिकारी-कर्मचारी और पुलिस में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना सरकार के बूते से बाहर है।
ऐसे माहौल में जब उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भ्रष्ट अंचलाधिकारियों और कर्मियों पर शिकंजा कसने का अभियान शुरू किया, तो सिस्टम के भीतर बेचैनी साफ नजर आने लगी।
बिहार राजस्व सेवा संघ (CO संघ) ने अपने ही मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया।
जब-जब भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, तब-तब बेचैन होता रहा CO संघ
यह पहली बार नहीं है। जब-जब किसी रिश्वतखोर अंचलाधिकारी पर कार्रवाई हुई, तब-तब राजस्व सेवा संघ आंदोलन पर उतर आया।
यही वह संघ है, जिसने घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार CO को बचाने के लिए पटना की सड़कों पर धरना-प्रदर्शन किया था।
रिश्वतखोर CO के समर्थन में सड़कों पर उतरा था संघ
मामला 9 सितंबर 2025 का है।
बेगूसराय जिले के डंडारी प्रखंड के अंचल अधिकारी को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
विजिलेंस की लगातार कार्रवाई से तिलमिलाए अंचलाधिकारी संघ ने पूरे बिहार से अधिकारियों को पटना बुला लिया।
👉 9 सितंबर को गिरफ्तारी,
👉 11 सितंबर 2025 को पटना के गर्दनीबाग में धरना।
सैकड़ों अंचलाधिकारी विजिलेंस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए।
“पैसा किसी और के पास मिला, गिरफ्तारी CO की” – संघ का दावा
तत्कालीन आंदोलन के दौरान CO संघ के अध्यक्ष आनंद कुमार ने दावा किया था कि
“विजिलेंस बिना ठोस प्रमाण के कार्रवाई करती है। पैसा किसी और के पास मिलता है और गिरफ्तारी अंचलाधिकारी की कर दी जाती है।”
उन्होंने कहा था कि निगरानी के निशाने पर हमेशा अंचलाधिकारी ही रहते हैं, जबकि वे कई तरह के प्रशासनिक कार्य करते हैं।
अब मंत्री की सख्ती से फिर घबराया CO संघ
अब जब सरकार ने लापरवाह और भ्रष्ट अंचलाधिकारियों पर नकेल कसने का अभियान शुरू किया, तो वही पुरानी बेचैनी फिर सामने आ गई।
इस बार सीधे अपने मंत्री के खिलाफ ही पत्र लिख दिया गया — और वो मंत्री कोई साधारण नहीं, बल्कि सूबे के डिप्टी सीएम और भाजपा विधानमंडल दल के उप नेता हैं।
रैयतों के हक में पीछे हटने को तैयार नहीं डिप्टी सीएम
CO संघ के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने दो टूक कहा—
“मैं ऐसे पत्रों से झुकने वाला नहीं हूं। अभियान जारी रहेगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि
- रैयतों को परेशान करने वाली मानसिकता बदलनी होगी,
- समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से काम करना होगा,
- भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भ्रष्टाचार बनाम सुधार: टकराव साफ
एक तरफ जनता वर्षों से भ्रष्टाचार से त्रस्त है,
दूसरी तरफ सख्ती होते ही अधिकारी संघ आंदोलन पर उतर रहा है।
ऐसे में सवाल साफ है—
क्या व्यवस्था जनता के लिए बदलेगी या सिस्टम खुद को बचाने में लगा रहेगा?


