2 अक्टूबर तक चलेगा विशेष पखवाड़ा, पूजा पंडालों को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर
पटना, 17 सितंबर।देशभर में 17 सितंबर से ‘स्वच्छता ही सेवा’ राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत हो रही है। यह अभियान 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगा और राज्य के हर ग्राम पंचायत में स्वच्छता से जुड़ी विशेष गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इस साल का थीम ‘स्वच्छोत्सव’ तय किया गया है। नवरात्र सहित आगामी त्योहारों में पूजा पंडालों को प्लास्टिक कचरा मुक्त, स्वच्छ और इको-फ्रेंडली बनाने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
15 दिन चलेगा ‘स्वच्छोत्सव’, पांच अवयव तय
अभियान के दौरान 15 दिनों तक विशेष सफाई कार्यक्रम आयोजित होंगे। पांच प्रमुख अवयव इस प्रकार हैं—
- गंदगी के ढेरों को चिह्नित कर सफाई अभियान चलाकर उन स्थलों को कचरा मुक्त बनाना।
- 25 सितंबर को “एक दिन, एक घंटा, एक साथ श्रमदान” कार्यक्रम का आयोजन, जिसमें लोग अपने-अपने क्षेत्र में सफाई अभियान में हिस्सा लेंगे।
- सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ सफाई कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर, बीमा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ।
- नवरात्र, दीपावली, छठ जैसे पर्वों के दौरान पूजा समितियों को हरित और स्वच्छ त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करना।
- जन-जागरूकता गतिविधियों के जरिए स्वच्छता को लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनाना।
श्रमदान का होगा विशेष आयोजन
25 सितंबर को आयोजित श्रमदान में पंचायत भवन, सरकारी-निजी कार्यालय, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल, हाट-बाजार और जलस्रोतों की सफाई की जाएगी।
पूजा समितियों को सख्त निर्देश
सरकार ने पूजा समितियों को निर्देश दिया है कि वे अपने आयोजन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाएं। इसके लिए पूजा पंडालों में लगातार स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
राज्य स्तरीय शुभारंभ
‘स्वच्छता ही सेवा’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ 17 सितंबर को लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान कार्यालय से होगा। इसी दिन सभी जिलों में भी अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
यह अभियान केवल सफाई भर नहीं, बल्कि जनभागीदारी से स्वच्छता को आदत और व्यवहार का हिस्सा बनाने का संकल्प है।


